मुकुंदगढ़. सीकर जिले के फतेहपुर इलाके के बेसवा गांव के पास शनिवार देर रात बदमाशों की फायरिंग में गोली लगने से दम तोडऩे वाले गांव घोड़ीवारा खुर्द निवासी कांस्टेबल रामप्रकाश झुरिया की रविवार शाम को राजकीय सम्मान के साथ अंत्येष्टि की गई। इससे पूर्व शाम करीब 6 बजे बाद तिरंगे में लिपटी शहीद की पार्थिव देह को पुलिस वाहन में घर पर लाया गया। जैसे ही पार्थिव देह शहीद के घर पहुंची।
परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। परिवार की महिलाओं समेत अन्य लोगों का रो रो कर बुरा हाल हो गया। पार्थिव देह देखते ही शहीद के पिता राजेंद्र, मां तथा पत्नी सुनीता सुध बुध खो बैठे और बुरी तरह विलाप करने लगे। इस दौरान वहां मौजूद लोगों की भी आंखे नम हो गई। वहां मौजूद ग्रामीणों व रिश्तेदारों ने परिजनो को जैसे तैसे कर संभाला और ढांढस बंधाया।
पुलिस जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर के साथ सलामी दी। इसके बाद घर से अंतिम यात्रा रवाना हुई। गांव स्थित मुक्तिधाम में शहीद रामप्रकाश अमर रहे के गगनभेदी नारों के साथ अंत्येष्टि की गई। शहीद के छोटे भाई कैलाश ने मुखाग्नि दी। इस मौके पर काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।
इधर, बदमाशों की पकड़ के लिए दूसरे दिन रविवार को जिले में पुलिस की ओर से सशस्त्र नाकाबंदी करवाई गई। बदमाशों के छिपने के संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई। सिपाही रामप्रकाश शनिवार सुबह छुट्टी काटकर ड्यूटी पर पहुंचा था।
पुष्प चक्र अर्पित कर दी श्रद्धाजंलि
पुलिस अधीक्षक आरपी गोयल,लक्ष्मणगढ़ सीओ बृजमोहन असवाल,मुकुंदगढ थानाप्रभारी रामस्वरूप बराला,नवलगढ़ तहसीलदार पूर्णसिंह,प्रधान गजाधर ढाका,यूथ कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ राजपाल शर्मा,पूर्व विधायक प्रतिभा सिंह,आप पार्टी यूथ विंग प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र सिंह डोटासरा,भाजपा नेता ओमेंद्र चारण,गिरधारी लाल इंदौरिया,रवि सैनी,महेश चौधुरी,कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता सुरेश चौधरी,युवा नेता विक्रम सिंह जाखल,बाय सरपंच तारा पूनिया,घोड़ीवारा खुर्द सरपंच प्रतिनिधि हेमंत सिंह समेत अन्य पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने शहीद की पार्थिव देह पर पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
सुबह से लोगों का जुटना शुरू
फतेहपुर में रामप्रकाश की मौत की जानकारी लगने पर परिजन, रिश्तेदार व ग्रामीणों का जुटना शुरू हो गया।हालांकि मां व पत्नी सुनिता को मौत की सूचना नहीं दी गई।बेटे व पति की मौत से बेखबर मां व पत्नी रोजमर्रा के कामों में जुटी रही। कुछ लोग गांव के गुवाड़ तो कुछ मंडावा मोड पर शव आने का इंतजार करते रहे।
डेढ़ साल से था कार्यरत
गांव में प्रारम्भिक शिक्षा पूरी करने के बाद में वर्ष 2008 में रामप्रकाश पुलिस में भर्ती हुआ। पहली पोस्टिंग चित्तौडगढ़ में हुई, पिता राजेन्द्र झूरिया फिलहाल सीकर कोतवाली में एएसआई व चाचा नरेन्द्र बलारा थाने में सिपाही पद पर कार्यरत है।
गोली नहीं मिलने के कारण पोस्टमार्टम में देरी
थानाधिकारी के अलावा सिपाही रामप्रकाश के शव का पोस्टमार्टम फतेहपुर स्थित सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया था।लेकिन काफी देर तक गोली नहीं मिलने के कारण पोस्टमार्टम में देरी हुई। देर शाम को लोगों के घर पहुंचने के बाद मां व पत्नी को मौत की जानकारी लगने पर घर में मातम छा गया।
मलसीसर में हो चुकी है पुलिसकर्मियों की हत्या
बैखोफ बदमाशों के पुलिसकर्मियों को फायरिंग कर हत्या का पहला मामला नहीं है। जिले के कस्बा मलसीसर में घटना हो चुकी है। 27 दिसम्बर 2012 को मलसीसर में ग्रामीणों ने कार में सवार लोगों के काफी देर से घूमने की सूचना दी थी। इस पर हैडकांस्टेबल शिमला निवासी ओमप्रकाश यादव, कांस्टेबल डूमरा निवासी बजरंग लाल व चालक उन्हें पकडकऱ थाने लेकर आ रहे थे। रास्ते में हरियाणा निवासी बदमाश अजय व अमित ने फायरिंग कर दी। जिसमें ओमप्रकाश व बजरंग की मौत हो गई थी। बाद में दोनों बदमाश वहां से फरार हो गए। बाद में गाड़ी की तलाशी लेने पर पुलिसकर्मियों के अलावा एक अन्य व्यक्ति का शव भी बरामद हुआ था। हालांकि पुलिस की ओर से बाद में दोनों बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया गया था।
यह था मामला
शनिवार रात को फतेहपुर पुलिस को सूचना मिली कि रात को सूचना मिली थी कि बदमाश अजय चौधरी व उसके साथी किसी वारदात को अंजाम देने के लिए गाड़ी से जा रहे हैं। इस पर रामप्रकाश थानाधिकारी मुकेश कानूनगो उनके पीछे थे।बेसवा के पास हथियारों से लैस बदमाशों ने दोनों को गोली मार दी, जिससे उनकी मौत हो गई।







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