हिण्डौनसिटी. पदोन्नति, वेतन विसंगति, पदनाम परिवर्तन समेत विभिन्न मांगों को जिलेभर के कृषि पर्यवेक्षक व सहायक कृषि अधिकारी बुधवार को सामूहिक अवकाश रहे। कृषि अधिकारियों ने कृषि विभाग कार्यालय के बाहर धरना देकर विरोध-प्रदर्शन किया। बाद में मुख्यमंत्री के नाम सहायक निदेशक मोहनलाल मीणा को ज्ञापन सौंप समस्या समाधान की मांग की।
अखिल राजस्थान राज्य कृषि पर्यवेक्षक संगठन के जिलाध्यक्ष महेश शर्मा व राजस्थान कृषि स्नातक संघ जिलाध्यक्ष मुकेश गुप्ता ने बताया कि कृषि पर्यवेक्षक व सहायक कृषि अधिकारी कृषि पर्यवेक्षकों के प्रारम्भिक ग्रेड पे ३६ सौ करने, न्यूनतम वेतन बहाल करने, ४८ सौ ग्रेड पे प्राप्त करने वाले कृषि पर्यवेक्षकों को सहायक कृषि अधिकारी के पद पर पदोन्नत करने, पदोन्नति कोटा ६० प्रतिशत बढ़ाने, नवीन पद सृजित करने की मांग को लेकर पूर्व में कई बार हड़ताल कर चुके हैं। लेकिन सरकार मांगो को लेकर गंभीरता नहीं दिख रही है। धरने पर बैठक कृषि पर्यवेक्षक व सहायक कृषि अधिकारियों ने सरकार पर वादाखिलाफी के आरोप लगाते हुए नारे लगाए। इस दौरान पिन्टू मीणा, कैलाश चन्द्रावल, कुंजीलाल, आलमगीर, सोनम मीणा, खेलंती, जंतूराम, अजयपाल आदि मौजूद थे।
पीएम की सभा में दिखाएंगे काले झंडे
-17 वे दिन भी रोडवेज का चक्काजाम
हिण्डौनसिटी. विभिन्न मांगों को लेकर बसों का चक्काजाम कर आंदोलन कर रहे रोडवेज कर्मियों ने हड़ताल बुधवार को १७ वे दिन भी जारी रही।
रिटायरमेंट एसोसिएशन के कार्यकारी अध्यक्ष रूपसिंह धाकड़ व सचिव पूरण शर्मा ने बताया कि सरकार द्वारा मांगों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ऐसे में रोडवेजकर्मी भी अन्य विभागों के हड़ताली कर्मचारियों के साथ 6 अक्टूबर को प्रधानमंत्री की सभा में काले झंडे दिखा विरोध प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने बताया कि रोडवेजकर्मियों के अजमेर महासंघ द्वारा भी पीएम की सभा में विरोध दर्ज कराया जाएगा।इधर रोडवेजकर्मियों की हड़ताल के चलते रोडवेज बस स्टैण्ड परिसर में सूनापन पसरा हुआ है। यात्रियों की आवाजाही नहीं होने से बस स्टेण्ड परिसर के दुकान व थड़ी संचालक भी तंगहाल हो गए हैं। वहीं रोडवेज बसों के अभाव में यात्रियों को डग्गेमार वाहनों में यात्रा करनी पड़ रही है।





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