श्रीगंगानगर.
रायसिंहनगर के बाद अब घड़साना क्षेत्र में फजीज़् श्रमिक काडज़् बनाने का खेल चल रहा है, इसका खुलासा उस समय हुआ जब उपश्रम आयुक्त ने सहायता राशि भुगतान के बाद जांच की। इस फजीवज़ड़े के खेल में घड़साना पंचायत समिति के कामिज़्कों और ई मित्र संचालक की संलिप्तता की भूमिका सामने आई है। उपश्रम आयुक्त ने इस फजीवज़ड़े के संबंध में ई मित्र संचालक और फजीज़् श्रमिक काडज़् बनाने वाली तीन महिलाओं के खिलाफ एफआइआर के आदेश किए हैं।
वहीं घड़साना पंचायत समिति के दो कामिज़्कों के खिलाफ सख्त कारज़्वाई के लिए जिला परिषद के मुख्य कायज़्कारी अधिकारी को जांच रिपोटज़् भेजी है। इधर, उपश्रम आयुक्त ने नियम विरुद्ध बने बारह अन्य श्रमिक काडोज़्ं को निरस्त करने के लिए नोटिस जारी किए हैं। इस कारज़्वाई से घड़साना और रायसिंहनगर में फजीज़् श्रमिक काडज़् बनने वालों में खलबली मच गई है। उपश्रम आयुक्त का दावा है कि अनूपगढ़, घड़साना और रायसिंहनगर में फजीज़् राशन काडज़् बनाने के अधिक मामले सामने आ रहे हैं। प्रत्येक काडज़् की जांच के लिए अलग अलग टीमें बनाई जा रही है।
एफआइआर दजज़् करने के आदेश
उपश्रम आयुक्त अमरचंद लहरी ने बताया कि घड़साना क्षेत्र 7 एलएलडी निवासी छगनलाल की मृत्यु होने पर उसकी पत्नी रूकमादेवी, घड़साना क्षेत्र गांव जालवाली निवासी मंगलसिंह की मृत्यु उपरांत उसकी पत्नी छिन्द्रपाल कौर और घड़साना क्षेत्र गांव 5 पीएसडीसी निवासी कमलादेवी ने जाली श्रमिक काडज़् तैयार कर कुल छह लाख रुपए की राशि का उठाव किया। इन तीनों प्रकरणों की जांच कराई तो रितिका ई मित्र संचालक संदीप कुमार, पंचायत समिति घड़साना के कामिज़्क नरेन्द्र भारी, कम्प्यूटर ऑपरेटर लालचंद के नाम सामने आए है, इसमें प्रकरण में अन्य कामिज़्कों और व्यक्तियों की भूमिका भी है, यह जांच अब तक जारी है।
उपश्रम आयुक्त ने बताया कि तीनों आवेदकों के साथ साथ ई मित्र संचालक के खिलाफ एफआइआर दजज़् कराने के लिए श्रम निरीक्षक को आदेश दिए गए हैं। इसके साथ साथ घड़साना पंचायत समिति के कामिज़्कों के खिलाफ रिपोटज़् बनाकर जिला परिषद की मुख्य कायज़्कारी अधिकारी चिन्मय गोपाल को भिजवाई है।





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