जस्या यो गढ़ चमक रियों छ, वस्या ही रोजगार को सूरज चमक जावें बस....
-जिला मुख्यालय पर गढ़ भवन परिसर में मुखर हुआ जन मन
-जितेंद्र जैकी-
झालावाड़. सन् 1838 से ऐतिहासिक झालावाड़ के गढ़ भवन ने रियासत के कई ंरंग देखे होगें, वर्तमान में शहर के हद्य स्थल पर स्थित गढ़ भवन परिसर में बुधवार दोपहर वर्तमान सियासत के रंग आमजन की आंखों में तैरते कुछ यूं नजर आए। आमजन क्षेत्र के विकास के प्रति पूरी तरह आश्वस्त नजर आया लेकिन स्थाई रोजगार की समस्या उनके सिर चढ़ कर बोली। बेरोजगारी की पीड़ा की टीस साफ नजर आई।
बुधवार को तपती दोपहर में करीब डेढ़ बजे जब सूरज अपनी प्रचंडता लिए था वही चुनावी माहौल भी अब गर्म होने लगा तो पत्रिका संवाददाता जितेंद्र जैकी ने शहर के सबसे व्यस्त बड़ा बाजार में लोगों से क्षेत्र विकास के मुद्दे पर चर्चा के लिए रूख किया। सबसे पहले गढ़ भवन से गुजरते समय पार्क के द्वार पर नजर मारी तो वहां चाय की चुस्कियां लेते पांच अधेड़ लोग बतियाते नजर आए। पास जाकर जब जिले में विकास के बारे में चर्चा शुरु की तो सबसे पहले एक शख्स ने मूंह खोला की भायाजी विकास तो बहुत हुआ है, मै जामुनिया से आया हूं, मेरा नाम जमना लाल है व उम्र 64 साल है। पहले जब शहर में आते थे तो बस स्टेंड पर गंदगी रहती थी मच्छर काटते रहते थे, अस्पताल में डाक्टर नही मिलते थे , इलाज नही हो पाता था। अब तो चारो ओर विकास की गंगा बह रही है। इतने में ही उनके पास बैठे शहर के धनवाड़ा मोहल्ला निवासी लच्छीराम ने टोकते हुए कहा कि हम 15-20 साल से धनवाड़ा में रहते हुए आ रहे है। यहां बहुत गंदगी है, उसकी गली में सड़क नही है पानी की समस्या है। इनकी बाते सुनते ही इतने में ही पास में बेठे रैगर मोहल्ला निवासी युवक रमेश की रोजगार की पीड़ा सामने आ गई उसने कहा कि जस्या यो गढ़ चमक रियों छ, वस्या ही रोजगार को सूरज चमक जावें बस....। दूर खड़े हमारी बाते सुन रहा एक युवक नजदीक आया और उसने कहा कि मैरा नाम कंवरलाल भील है उसके गांव गैंहूखेड़ी में नालियां नही होने से गांव में गंदा पानी रास्ते में भरा रहता है। यहां इंदिरा आवास का भी लाभ नही मिल पाया है। सरकार को बेरोजगारी दूर करने के लिए भी कुछ करना चाहिए। यहीं पीड़ा दिव्यांग रामप्रकाश भील के चेहरे पर भी नजर आई। उनका कहना था कि बस नई फैक्टी आदि चल जाए तो बेरोजगार घुम रहे युवाओं को ठौर मिल जाए।
गढ़ परिसर में स्थित गणेश मंदिर में बुधवार को श्रद्धालुओं को पूजा अर्चना कराने में जुटे पंडि़त कमलकिशोर ने कहा कि वैसे तो क्षेत्र में विकास जमकर हुआ है लेकिन जैसे गढ़ भवन चमका तो यहां की सड़क भी चमक जाए और रोजगार का भी स्थाई समाधान हो जाए बस यहीं चाहिए।
गढ़ पार्क के बाहर फलों का ठेला लगाए बैठे अफजल चौधरी ने विकास के मुद्दे पर बेबाक होकर कहा कि विकास तो बहुत हो रहा है लेकिन फल विक्रेताओं के लिए स्थाई मंडी या जगह मिलना चाहिए।
इससे आगे बढऩे पर बड़ा बाजार सीमेंट रोड़ पर खड़े युवक जावेद चौधरी ने कहा कि वह इसी बाजार में दुकान लगाते है यहां सिटी डिस्पेंसरी है लेकिन उसमें सुविधाओं की दरकार है। इसी प्रकार पहले यहां उपडाकघर था, उसका भवन भी है इस भवन का जीर्णोद्वार कर वापस डाकघर शुरु करना चाहिए ताकि जनता को सुविधाए मिल सकें।
इतने में ही एक बाइक पर आए युवक अक्षय भाटिया ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि शहर में वैसे तो हर क्षेत्र मे विकास हो रहा है लेकिन मोनेटिंग सही ही हो पा रही हे। सड़क निर्माण अधूरे पड़े है। इससे लोगों को काफी समय तक आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होने उदाहरण देते हुए कहा कि सुभाष कॉलोनी चौराहे से खंडिय़ा चौराहे तक निर्माणाधीन सड़क व आवासन मंडल में सड़क का निर्माण कछुआ चाल से चल रहा है। इस युवा के दिल मै भी बेरोजगारी की टीस उभरी व सारी बाते भूल कर उसने क्षेत्र में रोजगार के स्थाई काम की मांग कर डाली।
-यहां की खास बातें
झालावाड़ जिला मुख्यालय का हद्य स्थल माना जाने वाला गढ़ भवन क्षेत्र झालरापाटन विधानसभा क्षेत्र का प्रमुख केंद्र है। मिनी सचिवालय बनने से पहले यहां गढ़ भवन में ही जिला निवार्चन अधिकारी कार्यालय था। पहले आचार सङ्क्षहता का डर नही होने से सभी पार्टी के उम्मीददार हर चुनावों में बेंड बाजों व ढोल से जुलूस निकालते हुए यहां फार्म भरने आते थे। चुनावों में यहां मेले जैसे माहौल नजर आता था। इसलिए जिले की राजनीति की बाते व शुरुआत भी यहीं से होती थी। यहां सभी सरकारी कार्यालय भी संचालित होते थे व लंच के समय सरकारी कर्मचारियों से आमजन चुनावी चर्चा में मशगूल रहता था। चुनावी चर्चाओं के अलावा प्रचार के लिए भी गढ़ भवन का खास स्थान रहा है।
-लोगों की टीस
क्षेत्र के लोगों को विकास की गंगा बहने की दिशा में अच्छा महसूस होता है लेकिन उनका मानना है कि इन सबसे ऊपर आदमी की पहली प्राथमिकता रोटी, कपड़ा और मकान होती है। इसमें सबसे पहले रोजी रोटी के लिए रोजगार का स्थाई इलाज की दरकार है।
-सन् 2013 की स्थिति
झालरापाटन विधानसभा सीट
कुल मतदाता-2 लाख 28 हजार 977
भाजपा को मिले 1 लाख 14 हजार 384
कांग्रेस को मिले 53 हजार 488
नोटा मे आए 3 हजार 729





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