चितलवाना. उपखण्ड के वीरावा गांव में विषाक्त भोजन खाने से करीब १५ गायों की मौत हो गई। सूचना पर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और मृत गायों को जेसीबी की सहायता से जमीन में दफनाया गया।
ग्रामीणों ने बताया कि वीरावा गांव में कुछ दिन पहले बायोसा माता के मेले में प्रसादी के लिए भोजन बनाया गया था जो बासी होने के विषाक्त हो गया। ऐसे में प्रसादी का भोजन गायों के खाने से उनकी मौत होने लगी। पिछले पांच दिन से आए दिन गायों की मौत को लेकर गांव के लोगों ने प्रशासन को इसकी सूचना दी। जिस पर चितलवाना तहसीलदार मिश्रीमल झंवर, डीएसपी ओमप्रकाश उज्ज्वल, थानाप्रभारी तेजूसिंह व पटवारी दूदाराम ने मौके पर पहुंच कर मुआवना करने के बाद मृत गायों को जेसीबी की सहायता से जमीन में दफनाया। वहीं विषाक्त भोजन के बारे में ग्रामीणों से जानकारी ली।
दुर्घटना में एक की मौत एक घायल
पत्रिका न्यू•ा नेटवर्क
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जसवंतपुरा. सुंधा पर्वत चौकी अंतर्गत कागमाला गांव के 33 केवी जीएसएस के पास अज्ञात वाहन की टक्कर से एक युवक की मौत हो गई, जबकि एक जना घायल हो गया। सूचना पर चौकी प्रभारी मांगीलाल, हेड कांस्टेबल खसाराम मीणा, कांस्टेबल नरपतसिंह, महेंद्रसिंह व ओमप्रकाश विश्नोई मौके पर पहुंचे। थानाप्रभारी पबाराम मीणा के अनुसार अशोक पुत्र मफाराम भील निवासी वाड़ा भोजा ने रिपोर्ट दर्ज करवाई कि उसका छोटा भाई पोपटलाल व भाई का ससुर मसराराम रात में भोजन करने के बाद बाइक पर बेरे पर जा रहे थे। कागमाला गांव से आगे बिजली घर के पास अज्ञात वाहन के चालक ने बाइक को टक्कर मार दी। जिससे बाइक पर सवार छोटे भाई पोपटलाल व भाई के ससुर मसराराम घायल हो गए। जिन्हें उपचार के लिए जसवंतपुरा सीएचसी लाया गया। जहां उपचार के दौरान उसके छोटे भाई के सिर पर ज्यादा चोटें आने से मौत हो गई। वहीं भाई के ससुर का उपचार चल रहा है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
अधिकारी भी अवकाश पर, हड़ताल को समर्थन
जालोर ञ्च पत्रिका. रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल दिनों दिन लम्बी खींच रही है। इससे यात्रियों की परेशानी भी बढ़ी है। गुरुवार से अधिकारी वर्ग भी मांगों को समर्थन देते हुए दो दिवसीय सामूहिक अवकाश पर चले गए।मंत्रालयिक कर्मचारी भी आंदोलन पर है, जिससे रोडवेज का पूरा काम-काज ठप हो चुका है। उधर, रोडवेज बसों का संचालन नहीं होने से लोग परेशानी झेल रहे हैं। दूर-दराज का सफर करना तो और भी मुश्किल हो रहा है। नजदीकी गांव व कस्बों के लिए लोग टैक्सी या निजी वाहनों पर निर्भर हैं। ऐसे में लोग हर समय बस स्टैंड पर वाहनों के इंतजार में खड़े रहते हैं। जिला मुख्यालय पर नया बस स्टैंड व अस्पताल चौराहा स्टंैड के समीप यात्रियों की भीड़ रही।लम्बी दूरी के यात्री अलग-अलग जगह से टुकड़ों में यात्रा करने को मजबूर हुए। आहोर चौराहा, नया बस स्टैंड, अस्पताल चौराहा, भीनमाल बाइपास, रीको थर्ड फेज समेत अन्य स्टेशनपर लोग बसों का इंतजार करते दिखे।ऐसे में जो वाहन मिला उसी में बैठकर गंतव्य तक जाने को मजबूर हुए।
कार्मिकों ने किया धरना-प्रदर्शन
राजस्थान रोडवेज श्रमिक संगठनों के संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर चल रही हड़ताल को लेकर रोडवेज कर्मियों ने धरना-प्रदर्शन किया।आगार कार्यालय के बाहर धरना दिया तथा मांगों के समर्थन में नारेबाजी की।पदाधिकारियों ने बताया कि गत २७ जुलाई को परिवहन मंत्री के साथ हुए लिखित समझौते को लागू करने की मांग की जा रही है।समझौते को लागू नहीं किए जाने तक हड़ताल जारी रखने का निर्णय किया।





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