बीकानेर. बीच सत्र में स्कूल छोड़कर अभिभावकों के साथ दूसरे गांव-ढाणियों में जाने वाले बच्चों के लिए अब विशेष कक्षाएं लगेंगी। इन कक्षाओं से बच्चों की पढ़ाई पूरी कराई जाएगी, जिससे वे पढ़ाई में कक्षा के अन्य बच्चों के समकक्ष हो सकेंगे। इसके लिए शिक्षा विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी है। जिले में एेसे ७१ बच्चों के लिए गैर आवासीय छात्रावास में कक्षाएं लगाई जाएंगी।
जानकारी के अनुसार कई बार अभिभावक रोजी-रोटी के लिए बच्चों के बीच सत्र में गांव छोड़कर दूसरे गांव चले जाते हैं। साथ बच्चों की भी ले जाते हैं। एेसे में बच्चों की पढ़ाई बीच में ही छूट जाती है। एेसे बच्चों के लिए विभाग ये कक्षाएं लगाएगा, ताकि ये बच्चे पढ़ाई से वंचित न रहें और अपना कोर्स पूरा कर लें।
पात्र बच्चों की सूची बनाएं
शिक्षा विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि एक से आठवीं तक बच्चों के लिए ये कक्षाएं शुरू की जाएंगी। सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को पात्र बच्चों की सूची बनाने को कहा गया है। इन छात्रावासों में तीन माह तक विशेष कक्षाएं लगाकर पढ़ाया जाएगा। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि एक ग्राम पंचायत में चार स्कूलों से एेसे बच्चे तलाशे जाएंगे।
अधिकतर कृषक परिवार के बच्चे
अधिकारियों ने बताया कि आधे सत्र में विद्यालय छोडऩे वाले ज्यादातर बच्चे कृषक परिवारों के होते हैं, जो आजीविका के लिए अन्यत्र जा बसते है। एेसे बच्चों की संख्या भी सर्वाधिक हो गई है। इसके चलते विभाग ने इन बच्चों को विशेष शिक्षा देने का प्रयास किया है।
इसी माह शुरू
गैर आवासीय छात्रावास इसी माह शुरू किया जाएगा। इसके लिए विद्यार्थियों की तलाश की जा रही है। गैर आवासीय छात्रावास में विद्यार्थियों के लिए विशेष कक्षाएं लगाई जाएगी।
भंवरलाल शर्मा, कार्यवाहक एडीपीसी, समग्र शिक्षा अभियान बीकानेर





No comments:
Post a Comment