सवाईमाधोपुर. मौजूदा पर्यटन सत्र मेंं जल्द ही पर्यटन वाहन मालिकों को राहत मिल सकती है। वन विभाग ने वाहन शुल्क में वृद्धि करने की कवायद शुरू कर दी है। वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार फिलहाल पर्यटन वाहनों के शुल्क में फिलहाल दस प्रतिशत की वृद्धि की जाएगी। गौरतलब है कि वाहन मालिकों द्वारा लम्बे समय से वाहन शुल्क में वृद्धि करने की मांग की जा रही थी। इसको लेकर पर्यटन सत्र शुरू होने से पूर्व वाहन मालिकों ने आंदोलन की चेतावनी भी दी थी। इसके बाद वन अधिकारियों के साथ हुई वार्ता में जल्द ही वाहन शुल्क बढ़ाने पर सहमति बनी थी।
फिलहाल दस फीसदी की होगी वृद्धि
वन अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल दस फीसदी की वृद्धि की जाएगी। वाहन शुल्क बढ़ाने और डिफरेंस काटने के लिए विभाग की ओर से नया सॉफ्टवेयर भी विकसित कर लिया गया है इसका टॉयल भी कर लिया गया है। अब सोमवार से नई दरें लागू की जाएंगी।
वर्तमान में यह है दरें
वर्तमान में फिलहाल विभाग की ओर से वाहन चालकों को कैंटर में प्रति सीट 350 व जिप्सी में 400 रुपए प्रतिसीट दिए जाते हैं। दस फीसदी बढऩे पर जिप्सी पर 440 व कैंटर 385 रुपए दिए जाएंगे। इसके बाद इसमें से पांच प्रतिशत टीआरडीएफ के तौर कटौती की जाएगी।
पार्क भ्रमण की दरों में होगा इजाफा
वाहन मालिकों की दरों में वृद्धि होने के साथ ही पार्क भ्र्रमण की दरों में भी इजाफा होगा। अभी भारतीय पर्यटक से कैंटर कें लिए 584 व जिप्सी के लिए 934 रुपए वसूल किए जा रहे है। इनमें करीब दस फीसदी तक वृद्धि की जाएगी।
वन विभाग अपना रहा दोहरे मापदण्ड
वाहन मालिकों व वाहन चालकों ने बताया कि वाहन मालिकों को जिप्सी पर प्रति सीट 400 व कैंटर पर 350 रुपए प्रति सीट ही भुगतान किया जा रहा है। जबकि वन विभाग की ओर से विदेशी पर्यटकों से देशी पर्यटकों की तुलना में कैंटर पर 1350 व जिप्सी पर 1675 रुपए प्रति सीट वसूल किए जा रहे है। लेकिन वाहन मालिकों को महज 350 व 400 रुपए ही दिए जाते हैं। इससे भी वाहन मालिकों में रोष है।
उपवन संरक्षक(पर्यटन) अजीत सक्सेना का कहना है....
वाहन शुल्क की दरों में दस प्रतिशत तक वृद्धि की जाएगी। इसके लिए सॉफ्टवेयर विकसित कर उसका ट्रॉयल भी कर लिया गया है। एक दो दिनों में नई दरें लागू कर दी जाएंगी।





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