आबूरोड. शहर में डेंगू ने पैर पसारना शुरू कर दिया है। शहर में पार्षद समेत अन्य डेंगू की चपेट में आ रहे हैं। तलहटी स्थित ट्रोमा सेंटर के आइसीयू में तो चार तथा अन्य वार्ड में पांच जने अभी भर्ती हैं लेकिन स्वास्थ्य विभाग अब तक इन मरीजों से अनभिज्ञ बना हुआ है। रविवार को दानवाव में नौ माह की लडक़ी पूनम की भी अज्ञात बीमारी से मौत हो गई। ऐसे में यहां ग्रामीणों को बीमारी का भय सता रहता है।
पूर्व उप सरपंच वागाराम गरासिया ने बताया कि लोग आए दिन अज्ञात बीमारी के शिकार हो रहे हैं लेकिन यहां प्रशासन की ओर से ध्यान नहीं दिया जा रहा है। सियावा निवासी जगाराम तथा दानवाव निवासी आकाश पुत्र भीमाराम गरासिया ने निजी अस्पताल में जांच करवाई तो डेंगू के लक्षण पाए गए थे। अस्पताल में डेंगू की जांच व्यवस्था नहीं होने के कारण मरीज को निजी अस्पताल ले जाना पड़ता है।
शहर तथा आस-पास के क्षेत्र में फॉगिंग नहीं की गई। प्रशासन की ओर से उदासीनता बरतने पर मोहल्लेवासियों ने ही क्षेत्र को साफ रखने का बीड़ा उठाया है।
दानवाव में ज्यादा पीडि़त
हर घर में सर्दी, जुकाम, बुखार, पेट दर्द आदि से पीडि़त व्यक्ति हंै। मच्छर काटने के 3 से 5 दिनों के बाद
मरीज में डेंगू बुखार के लक्षण दिखाई देने लगते हैं। 11 अक्टूबर को निचलागढ़ में भी अज्ञात बीमारी के कारण एक बालिका समेत चार जनों की मौत हुई थी।
&मरीजों की नियमित जांच कर रहे हैं, संदिग्ध का सैंपल लेकर जांच के लिए उदयपुर भेजा जाता है। शहर के एक पार्षद की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी।
- डॉ. एमएम हिण्डोनिया, प्रभारी मुख्य चिकित्सालय, आबूरोड





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