बाड़मेर. राजधानी जयपुर में आयोजित राजस्थान हैरिटेज वीक में फैशन शो में रैम्प पर बाड़मेर के परिधानों ने सभी को मोहित कर दिया। फैशन को नई ऊंचाई देने में यहां के हुनरमंद कारीगरों की कला को भी प्रोत्साहन मिला।
राजस्थान खादी बोर्ड व हैंडलूम कार्पोरेशन बोर्ड के सौजन्य से प्रसाद बिडप्पा के निर्देशन में आयोजित फैशन शो में मेड इन बाडमेर शो का शानदार आयोजन थार के प्रसिद्ध किराडू थीम पर हुआ। ग्रामीण विकास एवं चेतना संस्थान अध्यक्ष रूमा देवी के नेतृत्व में बाड़मेर की महिलाओं ने एप्लिक वर्क में साड़ी और मेन्स वीयर्स का खूबसूरत कलेक्शन पेश किया। जिसमें परम्परागत वुमन वियर्स के साथ साथ मेन्स वियर्स को भी रैंप पर उतारा गया।
संस्थान सचिव विक्रम सिंह ने बताया कि बाड़मेर की कला को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से पिछले चार साल से फैशन शो में बाड़मेर हस्तशिल्प के अलग-अलग रूप पेश किए गए हैं। इस साल परम्परागत मालानी पट्टू, कांच कशीदा वर्क और एप्लिक वर्क के कलेक्शन को रैम्प पर लाए हैं। जिले के दूरदराज के विभिन्न गांवों से बने उत्पाद दिग्गज डिजाइनरों को भा रहे हैं। बाड़मेर का मालानी पट्टू भी मार्डन फैशन के रंग में दिखाई दिया। मशहूर डिजाइनर रोहित कामरा के कलेक्शन में इसका उपयोग हुआ। शो में बाड़मेरी पट्टू पर रोहित कामरा, ऐम्ब्रोडरी वर्क पर मनीष सक्सेना, पवित्रा, एप्लिक पर यूएसए की डिजाइनर अमडां बिसाई, निलोफर मंगलिया ने जिले के दस्तकारों के काम को रैम्प पर प्रदर्शित किया।
पाक विस्थापित महिलाएं पहुंची रैम्प पर
धनाऊ गांव की सुगणी देवी तथा सांवा की चुनी देवी ने संस्थान अध्यक्ष के साथ मॉडल की तरह फैशन शो के रैम्प पर कैट वॉक कर सबको अंचभित कर दिया। पीढिय़ों से यह काम करने वाली महिलाएं अपने हुनर के बलबूते अलग पहचान कायम कर रही हैं।
कला की हर तरफ तारीफ
श्योर संस्था की ओर से फैशन शो में पारम्परिक परिधान व आधुनिकता को समाहित करते हुए नए परिधानों को दस्तकारों ने प्रस्तुत किया। संस्था की संयुक्त सचिव लता कच्छवाहा ने बताया कि फैशन डिज़ाइनर बी.बी रसेल ने भी बाड़मेरी दस्तकारी को बहुत पसंद किया। रैम्प वॉक के दौरान बाड़मेरी परम्परागत कशीदाकारी से युक्त परिधानों को पहन कर भारतीय टॉप मॉडल जब रैम्प पर उतरी तो हर कोई देखता रह गया।





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