Breaking News
recent

भाजपा टिकट में स्थानीय प्रत्याशी को मिले तवज्जो

करौली. प्रदेश में विधानसभा चुनाव की रणभेरी बजने के साथ ही राजनीतिक पार्टियों में टिकट को लेकर मशक्कत तेजी से चल रही है। भाजपा- कांग्रेस भी दोनों में टिकटार्थियों की कतार लगी हुई है। चर्चाओं के बाजार में रोजाना नए नाम सामने आ रहे हैं और समीकरण बन-बिगड़ रहे हैं।

इस माहौल के बीच स्वच्छता और स्वच्छ उम्मीदवार को लेकर राजस्थान पत्रिका की ओर से चलाए जा रहे चेंजमेकर अभियान के तहत मंगलवार को राजस्थान पत्रिका कार्यालय में भाजपा पदाधिकारियों-कार्यकर्ताओं का टॉक शो आयोजित किया गया।

इसमें भाजपा का प्रत्याशी कौन हो, ये जानने के लिए चर्चा की गई। चर्चा में प्रमुख रूप से करौली विधानसभा क्षेत्र से स्थानीय व्यक्ति को ही टिकट देने की पुरजोर मांग उठी। वक्ताओं ने कहा कि बाहरी व्यक्ति चुनाव भी जीत जाता है तो वह जनता के बीच नहीं रह पाता।

वो करौली की समस्याओं से वाकिफ नहीं होता और न यहां के विकास के लिए चिंतित होता है। ऐसे में स्थानीय व्यक्ति को ही टिकट मिलना चाहिए।

भाजपा के पदाधिकारियों ने बताया कि प्रदेश संगठन की ओर से जयपुर में 20 अक्टूबर को उम्मीदवार को लेकर रायशुमारी की जानी है जिसमें स्थानीय प्रत्याशी को टिकट देने की ही मांग प्रमुखता की जाएगी। टॉक शो में भाजपा जिला उपाध्यक्ष ओमप्रकाश सारस्वत, जिला महामंत्री केके मित्तल, शहर मण्डल अध्यक्ष सुरेश शुक्ला, शहर महामंत्री वीरेन्द्र मित्तल, मदनमोहन स्वामी, देवेन्द्र चतुर्वेदी, गजेन्द्र भारद्वाज, बबलू शुक्ला, अखलाक अहमद, पूर्व पार्षद विजय जाटव, अनूप शर्मा, केके सारस्वत, हंसराज चतुर्वेदी, शिम्भूदयाल शर्मा, मोतीलाल शाक्यवार, जिला महामंत्री मुकेश अर्रोदा आदि ने हिस्सा लिया।

सामने आई टीस
चर्चा के दौरान भाजपा के जिला उपाध्यक्ष ओमप्रकाश सारस्वत एवं भाजपा नेता देवेन्द्र चतुर्वेदी ने संगठन में कार्यकर्ताओं को तवज्जो नहीं मिलने की पीड़ा जताई।

सारस्वत बोले कि संगठन के लोगों को तरजीह नहीं मिलती और सत्ता हावी रहती है। सारस्वत ने कहा कि जो कार्यकर्ता जिंदगी भर पार्टी की सेवा करता है, उसे टिकट क्यों नहीं दिया जाता। पार्टी के नेता सत्य सुनना ही नहीं चाहते। वीरेन्द्र मित्तल ने बोला कि जरूरी नहीं कि पैसे वालों को टिकट दिया जाए।

किसी आम कार्यकर्ता को भी सामने लाने की मिसाल पार्टी को पेश करनी चाहिए। भाजपा नेता देवेन्द्र चतुर्वेदी बोले कि संगठन में कोई सुनने वाला नहीं है।

जिला स्तर हो या प्रदेश स्तर सब जगह हाल बिगड़ा हुआ है। रायशुमारी केवल नाटक है जिसको बड़े नेता चाहेंगे उसको टिकट मिलेगा। कार्यकर्ता की सुनता कौन है। सांसद मनोज राजोरिया को लेकर कहा कि पांच वर्ष उन्होंने मीठी गोली देने के बजाए कुछ नहीं किया।

रायशुमारी भी दिखावा
आगामी 20 अक्टूबर को भाजपा टिकट के लिए होने वाली रायशुमारी को लेकर वक्ताओं ने महज औपचारिक करार दिया। भाजपा नेता बोले कि हमसे तीन-तीन नाम मांगे जाएंगे, लेकिन यह महज औपचारिक है।



Rajasthan Darpan IFTTT

Rajasthan Darpan IFTTT

No comments:

Post a Comment

Powered by Blogger.