कोटा. कोटा में अंतिम संस्कार के लिए अलग से जगह नहीं होने और घरों में समाधि स्थल बना रहे नाथ समाज के लोगों की पीड़ा उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंच गई है। कोटा से गए नाथ समाज के एक प्रतिनिधिमंडल ने डॉ. विपिन योगी की अगुवाई में गोरखपुर में योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की और समाज की पीड़ा बताई। उन्हें समाज की मांग का ज्ञापन भी दिया। कोटा से नाथ समाज के लोग गोरक्षनाथ पीठ में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। बाद में डॉ. विपिन योगी ने बताया कि योगी आदित्यनाथ ने समाज की पीड़ा को सुना और इस बारे में राजस्थान सरकार तक पीड़ा पहुंचाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह की व्यवस्था की जानी चाहिए कि समाज के लोग सरलतापूर्वक अपने प्रियजनों के निधन पर उनका सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार कर सकें।
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समाधि स्थल के लिए राज्य सरकार कर रही विचार
राज्य सरकार प्रदेशभर में योगी समाज के मृतकों के अंतिम संस्कार के लिए समाधि स्थल के लिए जगह देने पर विचार कर रही है। पिछले दिनों राजस्थान पत्रिका ने इस संबंध में योगी समाज की पीड़ा का समाचार 'अपने ही घर में अंतिम संस्कार की मजबूरीÓ प्रकाशित किया था। इसके बाद 11 सितम्बर को कोटा में जिला कलक्टर ने समाधि स्थल के लिए स्थान उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे।
रोडवेज कर्मचारियों को मांगनी पड़ रही भीख
पत्रिका की खबर के आधार पर सांसद ओम बिरला ने राज्य सरकार को एक पत्र भेज कर राज्य भर में समाज के लिए जगह उपलब्ध कराने का आग्रह किया था। इस मामले को लेकर कोटा से नाथ समाज के प्रतिनिधिमंडल ने पिछले दिनों समाज के डॉ. विपिन योगी के नेतृत्व में राज्य के नगरीय विकास मंत्री श्रीचंद कृपलानी से मुलाकात की थी। कृपलानी ने समाज को इस बारे में कार्रवाई का आश्वासन दिया था। जयपुर में नगरीय विकास विभाग के संयुक्त सचिव मगनलाल योगी ने पत्रिका को बताया कि इस मामले में विभाग में कार्रवाई चल रही है। सरकार राज्य भर में समाधि स्थल के लिए स्थान उपलब्ध कराने पर विचार कर रही है।





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