फतेहगढ़. उपखंड मुख्यालय के विभिन्न मोहल्लों में कई सालों पुरानी विद्युत लाइनों की डिस्कॉम की ओर से देखरेख नहीं किए जाने से ग्रामीणों को हादसा घटित होने की आशंका सता रही है। फतेहगढ़ कस्बे के विभिन्न मोहल्लों में करीब 24-25 वर्ष पूर्व खींची गई विद्युत लाइनों की अभी तक एक बार भी देखरेख नहीं होने से विभिन्न मोहल्लों और मुख्य मार्गो पर विद्युत लाइनें झूलती हुई नजर आ रही है। डिस्कॉम के कर्मचारियों व अधिकारियों की उदासीनता के कारण केवल 7 से 8 फीट की ऊंचाई पर झूलते तारों से आमजन को परेशान होना पड़ रहा है। कस्बे में झूलते विद्युत तारों के कारण कई बार आंधी व हल्दी बारिश से विद्युत तारों के आपस में टकरनें के कारण हाई वॉल्टेज से कई लोगों के घरों में लगें विद्युत उपकरण जल चुके है। ढीले विद्युत तारों के कारण कस्बे के मोहल्लों के मुख्य मार्गों पर आवागमन के दौरान वाहनचालकों को अपने वाहन रोककर लकड़ी या अन्य से विद्युत तारों को ऊपर कर रास्ता पार करना पड़ रहा है। ग्रामीणों की ओर से कई बार स्थानीय डिस्कॉम अधिकारियों व कर्मचारियों को अवगत कराने के बावजूद भी उनकी ओर से कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। डिस्कॉम के अधिकारियों व कर्मचारियों की लापरवाही के चलते कभी भी ढीलें विद्युत लाइनों के कारण हादसा घटित होने की आशंका है।
अब तक नहीं निकला हल
फतेहगढ़ के कई मोहल्लों व मुख्य मार्गों पर विद्युत विभाग की ओर से खींची गईं लाइनें ढीली होने से हादसा घटित हो सकता है। कस्बे के विभिन्न मोहल्लों मे कईं सालों पुरानी लगी लाइनें झूल रही हैं। डिस्कॉम के बाशिंदों को अवगत करवाने के बाद भी उनकी ओर से इस समस्या का हल नहीं निकला जा रहा है।
सडक़ मार्ग क्षतिग्रस्त होने से चलना हुआ दुश्वार
मोहनगढ़ . नहरी क्षेत्र में सडक़ों की स्थिति दयनीय बनी हुई है। ऐसे में यहां से आवागमन में राहगीरों व वाहन चालकों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। कहीं पर सडक़ों पर रेत जमा है तो कहीं पर सडक़ों के पटरे टूटे हुए हैं। मोहनगढ़ से बांकलसर जाने वाली सडक़ की स्थिति भी जुदा नहीं है। यहां पूरी सडक़ रेत के नीचे दबी हुई है। कई स्थानों पर सडक़ के किनारे भी बरसात में क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इस ओर प्रशासन बिल्कुल ही ध्यान नहीं दे रहा है। बांकलसर ग्राम पंचायत के बाशिंदे जयरामसिंह, रमेशसिंह, कानसिंह, मेगसिंह, सूरतसिंह, कमलसिंह राजपुरोहित, मांगूसिंह आदि ने बताया कि मोहनगढ़ से बांकलसर जाने वाली डामरीकृत सडक़ पर रेत जमा है। इस वजह से यहां आवागमन बाधित हो रहा है। इसके अलावा अगस्त माह हुई बारिश के दौरान सडक़ के किनारे भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं। सडक़ के किनारे पर गहरे गड्ढ़े हो गए हैं। इन गड्ढ़ों को दुरुस्त करने में जिम्मेदारों की ओर से ध्यान नहीं दिया जा रहा है।





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