सीकर.
फतेहपुर के शहर कोतवाल मुकेश कानूनगो और कांस्टेबल रामप्रकाश की गोली मारकर हत्या करने के मामले में फरार चल रहा आखिरी आरोपी भी बुधवार को पुलिस के हत्थे चढ़ गया। पुलिस ने २० हजार के इनामी बदमाश ओमप्रकाश उर्फ ओपी को गिरफ्तार कर लिया। जलालसर निवासी ओमप्रकाश पिछले 10 दिन से खुद के गांव के आस पास ही खेतों में बाजरे की फसल के बीच छिपा हुआ था। बुधवार को पुलिस को इसकी भनक लग गई और उसे दबोच लिया। ओपी के बारे में बुधवार को सीकर पुलिस को सूचना मिली कि वह इलाके से बाहर गया ही नहीं है। अपने गांव के खेतों में ही छिपा हुआ हो सकता है। इस पर पुलिस टीम ने उसके गांव के ही खेतों में दबिश दी। खेत में आरोपी बाजरे की फसल के बीच बैठा हुआ मिल गया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
गौरतलब कि मामले में मुख्य आरोपी अजय चौधरी, जगदीप उर्फ धनकड़, रामपाल को मुम्बई और पुणे से, लारा को फतेहपुर से, अनुज उर्फ छोटा पांडया को चित्तौडग़ढ़ से पकड़ा गया था। पुलिस ने पुणे में मुख्य आरोपियों को शरण देने के मामले में विभोर और मोनी को भी गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने फतेहपुर के बेसवा गांव के पास थानेदार मुकेश कानूनगो और कांस्टेबल रामप्रकाश की गोली मार हत्या कर दी थी।
हथियारों की फोटो भेज कर देता था धमकी
पुलिस की हत्या के पहले आरोपी ओम प्रकाश नेछवा इलाके में अजय चौधरी और जगदीप उर्फ धनकड़ के साथ मिलकर लूट की बड़ी वारदात कर चुका था। इसके बाद इस गिरोह ने कई अन्य लूट की वारदातें भी की। इससे जो पैसा मिला था उससे काफी हथियार और कारतूस खरीदे थे। यह लोग इन हथियारों के साथ अपनी फोटो भेज कर कई लोगों को धमकी दे चुके थे। गुरुवार को पुलिस उसे कोर्ट में पेश करके रिमांड पर लेगी।
ना पैसे थे, ना ही संपर्क, इसलिए खेतों में ही काटता रहा फरारी
बड़ी लूट करने व धमकी देने वाले बदमाश ओमप्रकाश उर्फ ओपी का नाम भले ही बड़ा लग रहा होगा लेकिन वारदात के बाद भागने के लिए पैसे भी नहीं थे। ना ही इसके कोई ज्यादा संपर्क है। ऐसे में यह गांव के आस पास ही खेतों में फरारी काटता रहा। घटना के दो दिन बाद पुलिस को भनक भी लगी थी, ओमप्रकाश उर्फ ओपी क्षेत्र में ही घूम रहा है व घटना स्थल से थोड़ी दूर ही निकला है। इस पर पुलिस की टीम ने सर्च अभियान भी चलाया। सर्च ऑपरेशन में ओमप्रकाश उर्फ ओपी हाथ नहीं लगा।





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