भीलवाड़ा. जिले में एक के बाद एक रोगियों में डेंगू रोगी मिलने से चिकित्सा विभाग के रोकथाम के दावों की पोल खुल रही है। रायला व बीगोद में एक पुलिसकर्मी समेत नौ डेंगू रोगी मिले। इससे चिकित्सा विभाग में हड़कम्प मच गया। चिकित्सा अधिकारी सर्वे में जुट गए। इलाकों में रोकथाम के लिए उपाय किए जा रहे हैं। जिले के ग्रामीण इलाकों में हर घर में लोग बीमार पड़े हैं। डेंगू के कारण डेढ़ माह में तीन जनों की मौत भी हो चुकी है।
रायला. रायला में डेंगू के पांच रोगी मिले। इनमें एक पुलिसकर्मी शामिल है। सिपाही बबलू मीणा, चंदादेवी कुमावत , साक्षी प्रजापत, प्रभुलाल कुमावत, लाडदेवी प्रजापत का इलाज जारी है। ब्लॉक आदर्श स्वास्थ्य केंद्र के डॉ. अभिषेक शर्मा ने बताया कि 10 टीम गठित कर नालियों में दवा डलवाई जा रही है। घर-घर जाकर बीमारों की रक्त स्लाइड ली जा रही है।
बीगोद. कस्बे में डेंगू रोग के चार रोगी और मिले। दो रोगी माण्डलगढ़ अस्पताल में भर्ती हैं। दो बच्चों को भीलवाड़ा रैफर किया गया। डॉ. मनीष कुमार ने बताया कि डेंगू के दो रोगियों गायत्री देवी व अयान हुसैन का उपचार किया जा रहा है। तनवीर को भीलवाड़ा रैफर किया गया। भीलवाड़ा के निजी अस्पताल में भी आशूरा बानो का इलाज चल रहा है। कस्बे में आधा दर्जन डेंगू रोगी मिल चुके हैं। डेंगू रोग की रोकथाम के लिए कस्बे में फोगिंग भी करवाई जा रही है। सरपंच संघ अध्यक्ष गणेश पारीक, महुआ सरपंच रणजीत सिंह, खटवाड़ा सरपंच सज्जन सिंह ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में ग्रामीण वायरल से पीडि़त हैं।





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