नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव 2019 का समय जैसे-जैसे नजदीक आता जा रहा है वैसे-वैसे सियासत की पिच पर राजनीतिक दल बैटिंग करने के लिए अपनी-अपनी रणनीति तैयार कर रहे हैं। इसीक्रम में राम मंदिर का मुुद्दा एक बार फिर से गरमता जा रहा है। राजनीतिक दल वोटों के धुर्वीकरण को लेेकर राम मंदिर का मुद्दा फिर से उछालने लगे हैं। दरअसल अब शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे दशहरा के बाद उत्तर प्रदेश में अयोध्या जाने का फैसला किया है। इस बाबत पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने गुरुवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे अयोध्या जाएंगे।
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शिवसेना ने भाजपा पर साधा निशाना
आपको बता दें कि संजय राउत ने राम मंदिर के मामले को लेकर भाजपा पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने बताया कि उन्होंने राम मंदिर मुद्दे को लेकर सहयोगी दल भाजपा की आलोचना की। साथ ही कहा कि ठाकरे 19 अक्टूबर को मुंबई में होने वाली पार्टी की वार्षिक दशहरा रैली में अपनी यात्रा की तारीख की घोषणा करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि शिवसेना ने अयोध्या में राम मंदिर के मुद्दे का हमेशा से समर्थन किया है। चार वर्ष से सत्ता में रहने के बावजूद भाजपा ने वहां भव्य राम मंदिर बनाने के अपने वादे को अभी तक पूरा नहीं किया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबित ठाकरे ने बुधवार शाम को महाराष्ट्र में पार्टी के मुख्यालय सेना भवन में राम जन्मभूमि न्यास के प्रमुख जनमेजय शरणजी महाराज से मुलाकात की। शरणजी महाराज ने ठाकरे को अयोध्या आने का न्योता दिया और उन्हें बताया कि न्यास को राम मंदिर के निर्माण में शिवसेना की मदद की जरूरत है।
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सुप्रीम कोर्ट में 29 अक्टूबर से होगी सुनवाई
आपको बता दें कि राम मंदिर मामले को लेकर देश की सर्वोच्च अदालत में 29 अक्टूबर से सुनवाई शुरू होगी। बर्षों से लंबित इस मामले ने देश की राजनीति को बदलने में बड़ा महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। भाजपा हमेशा से कहती आई है कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण किया जाएगा। जबकि मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस राम मंदिर को लेकर पार्टी का पक्ष स्पष्ट नहीं है। बहरहाल अब मामला सुप्रीमकोर्ट में है और माना जा रहा है कि 2019 चुनाव से पहले इसपर फैसला आ जाएगा।





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