जिले की राजनीति के अधिकतर दिग्गज नेता जिला प्रमुख बनकर आगे निकले हैं। खास बात यह है कि जिला प्रमुख बनने के बाद वे विधायक ही नहीं प्रदेश सरकार में गृहमंत्री तक बने हैं। चार केबिनेट मंत्री बने हैं, जो पहले जिला प्रमुख रहे। अब तक 13 व्यक्ति 14 बार जिला प्रमुख बने हैं। जयकृष्ण शर्मा दो बार जिला प्रमुख बने हैं। 13 व्यक्तियों में से पांच महिलाएं व आठ पुरुष जिला प्रमुख बने हैं। खास बात यह है कि आठ में से पांच जिला प्रमुख विधायक बने हैं। जिसमें से चार प्रदेश सरकार में मंत्री रहे हैं।
अब तक ये बने हैं जिला प्रमुख : रामजीलाल अग्रवाल, जयकृष्ण शर्मा, सम्पतराम, डॉ. हरिप्रसाद शर्मा, दीपचंद खैरिया, जय कृष्ण शर्मा, डॉ. जसवंत सिंह यादव, शबाना खान, डॉ. किरण यादव, टीकाराम जूली, रुकमणी बैरवा, रामलाल वर्मा, सफिया खान, रेखा राजू यादव।
महिला जिला प्रमुख विधायक व सांसद नहीं बनी
महिला जिला प्रमुख किरण यादव, शबाना खान, रुकमणी बैरवा व सफिया खान जिला प्रमुख रही हैं। जिसमें से किरण ने विधायक व सांसद का चुनाव लड़ा है। सफिया खान राजनीति में सक्रिय हैं, लेकिन विधानसभा या लोकसभा का चुनाव नहीं लड़ी हैं। मौजूदा जिला प्रमुख रेखा राजू यादव राजनीति में सक्रिय तो हैं, लेकिन चुनाव में खुद टिकट मांगने के बजाय पति राजू यादव किशनगढ़बास से कांग्रेस से टिकट मांग रहे हैं।
टीकाराम जूली पहले विधायक, फिर जिलाध्यक्ष
किरण यादव के बाद कांग्रेस पार्टी के जिलाध्यक्ष टीकाराम जूली जिला प्रमुख बने। वे 2005 से 2008 तक प्रमुख रहे। इसके बाद अलवर ग्रामीण से कांग्रेस पार्टी के विधायक चुने गए। अब कांग्रेस पार्टी के जिलाध्यक्ष हैं।
सम्पतराम गृहमंत्री बने, डॉ. जसवंत श्रम मंत्री
सम्पतराम का नाम अलवर ही नहीं प्रदेश की राजनीति का बड़ा नाम रहा है। वे अलवर के तीसरे जिला प्रमुख रहे। कई बार विधायक बने। प्रदेश सरकार में गृह मंत्री जैसे प्रमुख केबिनेट मंत्री पद तक पहुंचे। चौथे जिला प्रमुख डॉ. हरीप्रसाद शर्मा बने। उनके बाद छठे जिला प्रमुख जय कृष्ण शर्मा बने। वे भी प्रदेश सरकार में मंत्री बने। कई बार विधायक का चुनाव भी जीता। सातवें नम्बर पर मौजूदा केबिनेट मंत्री डॉ. जसवंत सिंह यादव जिला प्रमुख रहे। वे 1995 से 1998 तक जिला प्रमुख रहे। इसके बाद वे विधायक व सांसद बने। अब सरकार में केबिनेट मंत्री हैं। उनकी पत्नी किरण यादव भी जिला प्रमुख रही।





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