जयपुर. भूमाफियाओ हौंसले राजधानी में एक बार फिर बुलंद होते नजर आ रहे है। प्रदेश में चुनावी सीजन आते ही एक बार फिर से जमीन कब्जाने का काम शुरू हो गया है। आगरा रोड स्थित पालड़ी मीणा में जेडीए की बेशकीमती जमीन पर मनमर्जी से कुछ जमीन कारोबारियों ने सड़क बिछा दी। स्थानीय लोगों की माने तो इन भू-माफिया को नेताओं का संरक्षण मिला हुआ है। लोगों का आरोप है कि इस जमीन को कब्जाने का प्रयास पहली बार नहीं हो रहा है। पांच बीघा जमीन पर कब्जा कर सड़क निर्माण चालू हो गया है। इसके अलावा कुछ जल्दबाजी में निर्माण भी कर लिए गए हैं। राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार यह जमीन जेडीए के पास है। जेडीए जोन-10 के उपायुक्त आशीष वर्मा को इस बारे में जानकारी ही नहीं हैं। उनका कहना है कि एक बार मामले को देखकर ही बता सकते हैं।
बैक डेट में काटे पट्टे
सूत्रों की माने तो जमीन कब्जाने में जेडीए के कई अधिकारी भी शामिल हैं। आरोप है कि इसके लिए उनको मोटी रकम तक दी गई है। भू-माफिया ने एक फर्जी गृह निर्माण समिति बनाकर बैक डेट में दो दर्जन से अधिक पट्टे काट दिए हैं। जो पट्टे काटे हैं, वो वर्ष 1989 के बताए जा रहे हैं।
फाइलों से बाहर नहीं निकली रिपोर्ट
15 जून को पालड़ी मीणा एम-ब्लॉक के सामने खाली पड़ी जमीन पर कब्जा होने की जानकारी संबंधित जोन को मिली। 6 छह जुलाई को जोन-10 के तहसीलदार, अमीन ने मौका देखा और अवैध रूप में कॉलोनी बसाने के साथ-साथ जमीन कब्जाने की बात भी अपनी रिपोर्ट में लिखी। साथ ही प्रवर्तन शाखा को यह लिखकर भेजा कि उक्त जगह से अतिक्रमण हटाएं। 7 सात अगस्त को एक बार फिर प्रवर्तन शाखा से अवैध निर्माण को हटाने की बात कही। इस दौरान पेश की गई रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि भू-माफिया द्वारा बैक डेट में पट्टे काटकर जेडीए की जमीन पर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है।
ये बोले जिम्मेदार
मामला मेरी जानकारी में नहीं है। बुधवार को कार्यालय पहुंचकर दिखवाता हूं। यदि जमीन पर कब्जा किया जा रहा है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।
राजेंद्र सिंह सिसोदिया, मुख्य प्रवर्तन अधिकारी





No comments:
Post a Comment