चित्तौडग़ढ़. मीरा स्मृति संस्थान की ओर से दुर्ग स्थित मीरा मंदिर में शरद पूर्णिमा पर एक दिवसीय मीरा महोत्सव आयोजित किया गया। इस दौरान हुए भक्ति रसोत्सव में प्रस्तुत भक्ति संगीत ने कानों में रस घोल दिया।मीरा मंदिर पर भक्ति रसोत्सव मीरा और गिरधर की आराधना और मां शारदे के चित्र पर माल्यार्पण के साथ शुरू हुआ। कानपुर, उत्तरप्रदेश की गायिका शिल्पी मिश्रा, जिले के गंगरार के गायक गोपाल पांचाल ने भजनों और राजस्थानी गीतों, सूफी संगीत, मीरा भजनों से ऐसा समां बांधा कि हर कोई मोहित हो गया। और तो और दुर्ग पर आए विदेशी पर्यटक भी मोहित होकर नृत्य करने लगे। कई विदेशी पर्यटकों ने गायकी पर प्रसन्न होकर अपने देश की मुद्रा भी भेंट की।
प्रारंभ में संस्थान के अध्यक्ष एस एन समदानी सहित अन्य पदाधिकारियों ने कलाकारों व अतिथियों का स्वागत किया। गणपति वंदना के बाद कलाकारों ने एक से बढ़कर एक भक्ति गीतों से समां बांध दिया। मंदिर में दर्शन के लिए बाहर से आए कई पर्यटक भी गीतों पर अपने आपको नहीं रोक पाए और मगन होकर नृत्य करने लगे। शिल्पी व गोपाल ने मैं न देखू गैर को, सांसों की माला पर सिमरू, छाप तिलक सब छोड़ी तुझसे नैना मिलाईके, दमादम मस्त कलन्दर, पीया आवो मनड़े री बात करल्या, चमचम चमके चुंदड़ी, रूनक झुनक पायल बाजे सा, छोटी सी उमर परणाई ओ बाबो सा, कोई सावण लाग्यो सहित हिन्दी, राजस्थानी, मेवाड़ी और मीरा भजनों से दर्शकों को मोहित कर दिया। दर्शक गीतों पर ऐसे मंत्रमुग्ध हुए कि बार-बार अपने स्थान से उठकर नृत्य करने लगे। अमूूमन हर बार ११ बजे तक सम्पन्न होने वाला भक्ति रसोत्सव इस बार पौने एक बजे तक चला। आकाशवाणी व दूरदर्शन की कलाकार शिल्पी मिश्रा ने भजनों समां बांध दिया। कई भजन शास्त्रीय शैली में प्रस्तुत कर मोहित किया।
इस अवसर पर संस्थान के पदाधिकारी एस एन समदानी, भंवरलाल शिशोदिया, अर्जुन मूंदड़ा, कर्नल रणधीर सिंह, ओम प्रकाश औदिच्य, जेपी भटनागर, ममता चारण, पूर्णिमा मेहता, चंदा डांगी, रमेश जोशी, डॉ. ए एल जैन, विट्ठल पांडे, सुनील ढिलीवाल, कुतंल तोषनीवाल, सत्यनारायण शर्मा, गोविन्द लाल गदिया सहित बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद थे।
इस बार विधानसभा चुनाव की आचार संहिता के कारण एक दिवसीय आयोजन ही हुआ। सामान्यतया दो या तीन दिन के आयोजन होते रहे हैं। प्रशासन ने देर रात तक चलने वाले आयोजनों की अनुमति नहीं दी।
जौहर भवन में मनाया मीरा जन्मोत्सव
गांधीनगर स्थित जौहर भवन में बुधवार दोपहर जौहर महिला मंडल की ओर से मीरा जन्मोत्सव मनाया गया। मंडल की अध्यक्ष मंजूश्री बंबोरी ने बताया कि इस आयोजन में बालिकाओं एवं महिलाओं ने मीरा व कृष्ण के भजनों पर नृत्य-गीत की प्रस्तुति दी। शाम को दीपदान किया गया।
आधी रात में हुई आरती
शरद पूर्णिमा पर्व पर मंदिरों में विशेष सजावट की गई। शाम को खीर का प्रसाद बना कर चांद की रोशनी में रखा गया। आधी रात को आरती के बाद खीर का प्रसाद वितरित किया गया। कई जगह यह पर्व मंगलवार को भी मनाया गया। बुधवार रात को चांद की धवल रोशनी में मंदिरों में विशेष आरती की गई। शहर, उपनगरों और दुर्ग पर स्थित मंदिरों में आधी रात को भगवान की विशेष आरती उतारी गई। इसके बाद प्रसाद वितरित किया गया। इससे आधी रात को भी शहर में चहल पहल नजर आई।





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