नई दिल्ली। चुनावी मौसम में तेल के दाम में लगातार हो रही वृद्धि से उपभोक्ताओं को थोड़ी राहत प्रदान करते हुए केंद्र सरकार ने गुरुवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती का ऐलान किया तो भारतीय जनता पार्टी गदगद है। वित्त मंत्री अरुण जेटली के ऐलान के बाद भाजपा के अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि यह फैसला नरेंद्र मोदी सरकार की जनता के हितों के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाता है।
जनता के हितों के लिए संवेदनशील सरकार : शाह
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने गुरुवार को ऐलान किया कि उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए सरकार ने दोनों ईंधन पर डेढ़ रुपए प्रति लीटर उत्पाद शुल्क कम करने का फैसला लिया है। इसके अलावा तेल विपणन कंपनियां भी पेट्रोल-डीजल की कीमत एक-एक रुपए कम करेंगी। उन्होंने ट्विटर पर लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की देश की जनता के हितों के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाता है ।
PM Modi today gave another decision in public interest by reducing the central tax on petrol&diesel price by Rs. 2.50 per litre. All the BJP-ruled states have also decided to reduce VAT by Rs.2.50 per litre on petrol&diesel prices: BJP President Amit Shah pic.twitter.com/qjdpqhGvPv
— ANI (@ANI) October 4, 2018
कई राज्यों ने घटा दिए तेल के दाम
केंद्र सरकार के ऐलान के बाद महाराष्ट्र, गुजरात, यूपी, मध्य प्रदेश और झारखंड समेत कई भाजपा शासित राज्य सरकारों ने भी दामों में कटौती किए जाने का एलान किया है जिससे ईंधन पांच रुपए प्रति लीटर तक सस्ता हो जाएगा।
सरकार को होगा 10,500 करोड़ रूपए का नुकसान
बता दें कि केंद्र सरकार ने गुरुवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 2.50 रुपए प्रति लीटर की कटौती कर दी। सरकार के आंकलन के अनुसार, पेट्रोल और डीजल के दाम में कटौती के इस फैसले से अगले छह महीने में 10,500 करोड़ रूपए के राजस्व का नुकसान हो सकता है, जोकि राजकोषीय घाटे का महज 0.05 फीसदी है। उत्पाद कर में कटौती के बावजूद मंत्री ने राजकोषीय घाटा पूरा होने का भरोसा जताया और कहा कि राजस्व संग्रह में वृद्धि से कर कटौती से पड़ने वाले प्रभाव को दूर किया जाएगा।





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