जोधपुर.
सालावास रेलवे स्टेशन के पास डम्पर की चपेट से पैदल युवक की मौत के मामले में आर्थिक मुआवजा दिलाने, जबरन शव मोर्चरी ले जाने व ग्रामीणों से मारपीट के दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई और डम्पर जब्त करने की मांग को लेकर मथुरादास माथुर अस्पताल की मोर्चरी के बाहर शुक्रवार को दोपहर बाद तक गतिरोध चला।
सहायक पुलिस आयुक्त (बोरानाडा) सिमरथाराम के अनुसार गुरुवार देर रात सालावास रेलवे स्टेशन के पास डम्पर से कुचलकर मनोहरलाल मेघवाल की मौके पर ही मृत्यु हो गई थी। रात को उसका शव एमडीएम अस्पताल की मोर्चरी भिजवा दिया था।परिजन के साथ मेघवाल समाज के लोग और ग्रामीण शुक्रवार सुबह मोर्चरी के बाहर एकत्र हो गए और आश्रित को उचित मुआवजा, सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने और डम्पर जब्त कर चालक को गिरफ्तार करने की मांग की। साथ ही हादसे के बाद विरोध जताने के दौरान जबरन शव मोर्चरी में ले जाने व ग्रामीणों से मारपीट करने के दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) अनंत कुमार, एडीएम व लूनी एसडीएम मौके पर आए और समझाइश की। ग्रामीणों ने एडीएम व एसडीएम को ज्ञापन भी सौंपा। पुलिस ने सरकारी योजना के तहत सभी लाभ दिलाने का आश्वासन देने पर अपराह्न शव का पोस्टमार्टम और बाद में अंतिम संस्कार किया गया। मृतक के चाचा सोहनलाल मेघवाल की तरफ से अज्ञात डम्पर चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। डम्पर की तलाश की जा रही है।
पुलिस की मिलीभगत से बजरी का खनन व परिवहन
ग्रामीणों बजरी के अवैध खनन व परिवहन के संबंध में पुलिस को एक परिवाद अलग से दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट की रोक के बावजूद धड़ल्ले से बजरी का खनन व परिवहन जारी है। बजरी से भरे तेज रफ्तार डम्पर से आए दिन हादसे हो रहे हैं। पुलिस ने इसकी अलग से जांच कराने का विश्वास दिलाया।





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