बांदीकुई/गुढ़लिया-अरनिया. सुबह साढ़े नौ बजे निर्धारित समय पर शिक्षक विद्यालय पहुंच जाता है। दिनभर कुर्सी लगाकर ठाले बैठा रहता है और दोपहर करीब पौने चार बजे छुट्टी का समय होने पर विद्यालय बंद कर घर लौट जाता है। छात्र नामाकंन शून्य होने से शिक्षक का विद्यालय में अकेला रहकर समय बिताना मुश्किल हो रहा है।
यह मामला है उपखण्ड क्षेत्र की ग्राम पंचायत गादरवाड़ा गूजरान के छोटारामपुरा राजकीय प्राथमिक विद्यालय का। उपखण्ड क्षेत्र की कई विद्यालय शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं, लेकिन यहां शिक्षक बिना बच्चों के ठाला ही बैठा रहता है। इससे शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं, लेकिन किसी का भी इस ओर कोई ध्यान नहीं है।
1999 में शुरू हुए इस स्कूल में गत वर्ष 2017 तक दो शिक्षक एवं छात्र नामाकंन 27 दर्ज था, लेकिन गत 29 जून 2018 को विद्यालय में कार्यरत एक शिक्षक को अन्यत्र लगा दिया गया। ऐसे में ग्रामीणों ने शिक्षक को हटाए जाने का विरोध भी दर्ज कराया, लेकिन विभाग की ओर से सुनवाई नहीं होने पर चालू सत्र में अध्ययनरत 24 छात्रों को भी अभिभावकों ने अन्यत्र विद्यालय में प्रवेश दिला दिया। इससे विद्यालय का नामांकन शून्य हो गया। अब विद्यालय में मात्र शिक्षक राधेश्याम शर्मा कार्यरत हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षकों की संख्या बढ़ा दी जाए तो नामांकन भी बढ़ सकता है। एक शिक्षक ही होने से दिनभर पोषाहार, डाक एवं अन्य कार्यों में बीत जाता है। इससे बच्चों की पढ़ाई बाधित होने के कारण मजबूरन अन्य विद्यालय में प्रवेश दिलाना पड़ा है। शिक्षक राधेश्याम शर्मा का कहना है कि पंचायत शिक्षा अधिकारी पीयालाल मीणा ने भी विद्यालय आकर ग्रामीणों को बुलाकर नामांकन वृद्धि करने को लेकर बातचीत की, लेकिन ग्रामीण सहमत नहीं हुए। उन्होंने शून्य नामांकन के बारे में विभागीय अधिकारियों को वस्तुस्थिति से अवगत करा दिया, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
मुख्य प्रारम्भिक शिक्षा अधिकारी जयसिंह गुर्जर का कहना है कि यह मामला मेरी जानकारी में नहीं है। यदि ग्रामीण दूसरा शिक्षक लगाए जाने पर छात्रों को प्रवेश दिलाने की बात कह रहे हैं तो शीघ्र ही मौके पर जाकर ग्रामीणों से बातचीत कर अपेक्षित कार्रवाई किए जाने का प्रयास किया जाएगा।






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