कोटा. नए अस्पताल में स्वाइन फ्लू वार्ड में भर्ती मरीजों के लिए एक अलग से कमरा खोल दिया गया। साथ ही 200 वेक्सीनेशन की खरीद की गई है। इमरजेंसी में कार्यरत सभी चिकित्सकों व कर्मचारियों को रविवार को स्वाइन फ्लू के टीके लगाए जाएंगे।
गौरतलब है कि राजस्थान पत्रिका में 'स्वाइन फ्लू के एक बेड पर दो मरीजÓ शीर्षक से नए अस्पताल व एमबीएस अस्पताल के मौसमी बीमारियों के दौरान हो रहे हालातों को लेकर समाचार प्रकाशित किया था। इसके बाद शनिवार सुबह ही मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. गिरिश वर्मा व अधीक्षक डॉ. देवेन्द्र विजयवर्गीय ने नए अस्पताल में मौसमी बीमारियों से ग्रसित रोगियों और उपचार संबंधी व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने स्वाइन फ्लू वार्ड में पास-पास लगे बेडों की दूरी बढ़ाने के निर्देश दिए। इसके अलावा स्वाइन फ्लू के रोगी बढऩे से वैकल्पिक कमरे की व्यवस्था की है। उसमें दो अतिरिक्त पलंग लगाए गए। स्वाइन फ्लू वार्ड में बचाव के पोस्टर नहीं होने पर प्राचार्य ने अधीक्षक के समक्ष नाराजगी जताई। साथ ही संदिग्ध वार्ड में ऑक्सीजन लाइन नहीं होने पर नई लाइन लगाने की प्रक्रिया के निर्देश दिए। प्राचार्य ने बताया कि मौजूदा समय में अस्पताल में कुल 11 रोगी स्वाइन फ्लू पॉजीटिव है। वहीं छह रोगी संदिग्ध मिले है।
तीमारदारों को बांटे मास्क
नए अस्पताल में स्वाइन फ्लू वार्ड में बिना मास्क के अंदर जाने वाले तीमारदारों को भी मास्क उपलब्ध कराए गए हैं। उन्हें बार-बार मरीजों के सम्पर्क में नहीं आने की सलाह दी गई है। स्टाफ को भी रोगियों के पास उनके परिजनों को ज्यादा समय तक नहीं रहने देने के लिए पाबंद किया है।
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वेक्सीनेशन के ऑर्डर
प्राचार्य ने अधीक्षक को इमरजेंसी में कार्यरत चिकित्सकों व कर्मचारियों के वेक्सीनेशन नहीं लगने को गंभीर माना। उन्होंने अधीक्षक को तुरंत वेक्सीनेशन खरीद के निर्देश दिए। इस पर अधीक्षक ने तुरंत २०० वेक्सीनेशन के ऑर्डर दिए।
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इनका यह कहना
- स्वाइन फ्लू को लेकर सितम्बर में स्थिति भयावह थी। इसके लिए उच्चाधिकारियों को सूचित कर दिया। सप्ताह में लगातार बैठकें ले रहे हैं। आज नए अस्पताल में आउटडोर को लेकर व्यवस्थाओं को देखा है। स्वाइन फ्लू वार्ड में बचाव के पोस्टर व कर्मचारियों को वेक्सीनेशन लगाने के निर्देश दिए हैं। मरीजों की अधिकता को देखते हुए वैकल्पिक कमरा खोला गया है।
- डॉ. गिरीश वर्मा, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज अस्पताल, कोटा।





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