सुलताना/चिड़ावा. इलाके के पदमपुरा गांव के कच्चे मकान में आधी रात बाद उठी लपटों में नौवी कक्षा की छात्रा जिंदा जल गई। पड़ौसियों ने लपटें देख छात्रा के परिवार को जगाया। पुलिस अभी तक यह तय नहीं कर पाई है कि मामला हत्या का है या आत्महत्या का। एफएसएल टीम ने भी शुक्रवार सुबह मौका मुआयना किया। परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
चिड़ावा थानाधिकारी संदीप शर्मा ने बताया कि मामला पदमपुरा गांव में रामदेव मंदिर के पास स्थित एक बाड़े का है। गांव के जमनाराम मेघवाल की सात बेटियों में से पांचवें नंबर की बेटी मीना (१५) अपने से बड़ी बहन नीरमा व दादी मनभरी देवी के साथ रात को नौ बजे खाना खाने के बाद घर से कुछ दूरी पर बाड़े में सोने चली गई। जहां एक कमरे में दादी तथा दूसरे में दोनों बहनें सो रही थी।
रात को करीब दो बजे अचानक बाड़े में मकान के पास छप्पर से आग की लपटें उठती देखकर आस-पड़ौस के लोगों ने हो-हल्ला किया। आग बुझाने पर उसमें बालिका मीना अधजली हालत में मिली। जिस पर परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस जाब्ता रात को ही मौके पर पहुंच गया। बाद में एएसपी नरेश मीणा भी मौका मुआयना किया। पुलिस ने सुबह शव का चिड़ावा के राजकीय अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाया। पिता जमनाराम मेघवाल की ओर से पुलिस को दी गई रिपोर्ट में हत्या की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।
पड़ौसी के बाड़े में सोई थी दादी-पोतियां
परिवार के मुखिया जमनाराम मेघवाल की माली हालत कमजोर है। ऐसे में घर पर मकान कम होने के कारण उनकी मां मनभरी देवी तथा दो बेटिया पड़ौसी मोहरसिंह के खाली मकानों में सोती थी।
पड़ौसियों ने लपटें देखी, हो-हल्ला किया
रात करीब दो बजे अचानक बाड़े में बने छप्पर में आग की लपटें उठती देखकर पड़ौसियों ने हो-हल्ला किया। पड़ौसियों ने घरों की छत से पानी डालकर आग पर काबू पाया। मगर तब तक बालिका मीना ने दम तोड़ दिया था।
दादी-बहन को पड़ौसियों ने जगाया
मीना अपनी बड़ी बहन के पास सो रही थी। मगर रात को वह कमरे से बाहर कब व कैसे गई। इसका अभी तक पता नहीं लग पाया है। यहां तक की उनके पास की चारपाई पर सो रही बड़ी बहन नीरमा व दूसरे कमरे में सो रही दादी मनभरी को घटना के बाद पड़ौसियों ने जगाया। घटनास्थल तथा कमरों की दूरी महज कुछ ही फीट है।
खाली बोतल, माचिस मिली
पुलिस को घटनास्थल पर खाली बोतल व माचिस मिली है। बोतल में केरोसिन तेल की गंध आ रही थी। पुलिस ने बोतल को कब्जे में ले लिया। एफएसएल टीम ने भी घटनास्थल से साक्ष्य उठाए। फोटोग्राफी करवाई गई।
नौवीं में पढ़ती थी मीना
मृतका मीना गांव की सरकारी स्कूल में नौंवी की छात्रा थी। उनके पिता जमनाराम मेघवाल मजदूरी कर घर चलता है। उनके सात बेटियों में से मीना पांचवें नंबर की थी। मृतका मीना पढ़ाई भी होशियार बताई जा रही है।
रात दो बजे उठी आग में सुलगते सवाल
पदमपुरा गांव के बाड़े में रात दो बजे उठी आग की लपटों में नौवीं कक्षा की छात्रा की मौत के साथ कई सवाल भी सुलग रहे हैं। जिनका जवाब पुलिस को अभी तक मौके से नहीं मिला है। ऐसे में पुलिस पोस्टमार्टम का इंतजार कर रही है। छात्रा मीना अपनी बहन के साथ सो रही थी। रात दो बजे वह अकेली बाहर क्यों आई। जिस छप्पर में आग लगी, वह उनकी बहन नीरमा व दादी के कमरे से महज कुछ ही फीट की दूरी है।
जिस जगह बालिका का जला हुआ शव मिला है, वहां जली हालत में बोरी भी मिली है। बालिका ने जलते समय हो-हल्ला भी किया होगा, ऐसे में किसी को आवाज क्यों नहीं सुनी। घर भी महज दो सौ मीटर के करीब है। घरवालों को भी जानकारी नहीं लगी। कमरें में बिछौने को भी नहीं छेड़ा गया। कंबल भी सिमटी हुई थी। मीना पढ़ाई में भी हौनहार थी। मानसिक स्थिति भी ठीक थी।
ऐसे में प्रारंभिक रूप से आत्महत्या की कोई ठोस वजह सामने नहीं आ रही है। अब सवाल यह है कि किसी ने हत्या की वारदात को अंजाम दिया है तो क्यों। पुलिस और एफएसएल टीम को घटना स्थल के पास किसी संदिग्ध के पदचिह्न मिले हैं। इसका कारण यह भी हो सकता है कि रात के समय आग बुझाने के लिए आसपास के कई लोग मौके पर पहुंचे। ऐसे में पदचिह्न मिलना संभव नहीं है।
इनका कहना है
मामले में हर तथ्य की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही आगे कुछ कहा जा सकेगा।
नरेश कुमार मीणा
अपर पुलिस अधीक्षक, झुंझुनूं





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