पोकरण/लाठी. क्षेत्र के आसपास भादरिया ओरण व वनक्षेत्र में वन्यजीवों के शव मिलने का सिलसिला गत तीन दिनों से नहीं थम रहा है। यहां दो दिन पूर्व आधा दर्जन गिद्धों के शव मिले थे। जबकि शुक्रवार की शाम चार गिद्धों के शव मिलने की सूचना मिलने पर वन विभाग के अधिकारियों की ओर से शवों को ढूंढऩे के प्रयास किए गए। इस दौरान उन्हें झाड़ी पर पड़ा एक बाज का शव मिला। इस तरह आए दिन पक्षियों के शव मिलने से वन्यजीवप्रेमियों में चिंता बढ़ गई है तथा वन विभाग के अधिकारी व वन रक्षक भी परेशान है। गौरतलब है कि लाठी गांव के पास वन विभाग का बहुत बड़ा वन्यजीव क्षेत्र है तथा सैंकड़ों बीघा में भादरिया ओरण स्थित है। यहां विभिन्न तरह की दुर्लभ प्रजातियों के पशु पक्षी स्वच्छंद विचरण करते है। गत वर्ष भी यहां बड़ी संख्या में लुप्तप्राय हो रहे बड़े गिद्धों व राज्यपक्षी गोडावण की विभिन्न कारणों से मौत हुइ थी। क्षेत्र में अखिल भारतीय जीवरक्षा विश्रोई सभा के तहसील संयोजक राधेश्याम पेमाणी सहित खेतोलाई व धोलिया में निवास कर रहे विश्रोई जाति के अन्य वन्यजीवप्रेमियों की ओर से वन्यक्षेत्र व भादरिया ओरण में समय-समय पर मोनीटरिंग व वन्यजीवों की देखभाल तथा भीषण गर्मी के दौरान उनके लिए पानी की व्यवस्था भी की जाती है। शुक्रवार की शाम को भी उनकी ओर से मोनीटरिंग के दौरान भादरिया ओरण में करीब दो-तीन किमी के क्षेत्र में अलग-अलग गिद्धों के शव देखे गए। जिस पर उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को इसकी सूचना दी। सूचना पर लाठी वन विभाग के क्षेत्रीय वन अधिकारी धीराराम मेघवाल ने अपनी टीम के साथ शुक्रवार की शाम गिद्धों के शवों की खोज शुरू की, लेकिन अंधेरा हो जाने के कारण तलाशी नहीं हो पाइ। उन्होंने शनिवार को सुबह सहायक वनपाल कानसिंह मेड़तिया, वनरक्षक देवीसिंह भाटी, हमीरसिंह, हनीफखां, बागेखां, तगसिंह, गेपराराम, नाथूसिंह, बागसिंह की अलग-अलग टीमें बनाकर भादरिया ओरण में गिद्धों की खोज शुरू की। करीब 20 किमी क्षेत्र में तलाशी अभियान के दौरान उन्हें केर की एक झाड़ी पर पड़ा एक बाज का शव मिला। जिसको उन्होंने अपने कब्जे में लिया तथा लाठी रेंज लेकर आए।
वन्यजीवप्रेमियों ने जताई नराजगी
अखिल भारतीय जीवरक्षा विश्रोई सभा के तहसील संयोजक पेमाणी ने बताया कि उनकी ओर से समय-समय पर वन्यक्षेत्रों की मोनीटरिंग की जा रही है। बड़ी संख्या में आए दिन विभिन्न प्रजाति के दुर्लभ पक्षी व वन्यजीवों की मौत हो रही है। उनकी रक्षा को लेकर वन विभाग के अधिकारी गंभीर नहीं है। जिम्मेदारों की ओर से संतोषजनक जवाब भी नहीं दिया जा रहा है।
करवाया पोस्टमार्टम
दो दिन पूर्व मिले आधा दर्जन गिद्धों के दफनाए गए शवों को शनिवार को पुन: निकाला गया तथा शनिवार को ओरण में मिले एक बाज के शव को वन विभाग की टीम पोकरण पशु चिकित्सालय लेकर आई। यहां मेडिकल बोर्ड के सदस्य डॉ.एसएस तंवर, डॉ.सुभाष चौधरी, डॉ.पद्मभूषण की ओर से उनका पोस्टमार्टम किया गया। पोस्टमार्टम के बाद शवों को दफनाया गया।
धीराराम मेघवाल, क्षेत्रीय वन अधिकारी वन विभाग, लाठी।





No comments:
Post a Comment