राकेश शर्मा ' राजदीप '/उदयपुर. महाराणा कुम्भा संगीत परिषद एवं पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय शरद महोत्सव में अंतिम दिन जयपुर की शशि सांखला एवं दल द्वारा प्रस्तुत कथक नृत्य प्रस्तुति सहित उदीयमान कलाकार श्रेया मेहता व अनिका पारीक की लय, ताल एवं अंगो के समन्वय ने समां बांध दिया। मुख्य अतिथि प्रो. बीपी भटनागर, एमजी वाष्र्णेय थे। जबकि अध्यक्षता रोटरी के पूर्व प्रान्तपाल निर्मल सिंघवी ने की। जयपुर कत्थक केन्द्र गीतांजली की ख्यात कथक नृत्यांगना व गायिका शशि सांखला एवं दल ने जयपुर घराने की बंदिशें व मांड गायन 'रंगीला शंभू श्याम पधारो प्यारा पावना.. पर कथक नृत्य की प्रस्तुति दी। परिषद के मानद सचिव डॉ.यशवन्त कोठारी ने कहा कि इस कार्यक्रम के आयोजन के पीछे मुख्य उद्देश्य शास्त्रीय संगीत के क्षेत्र में उभर रहे उदीयमान कलाकारों को देश के मुख्य कलाकारों के साथ मंच साझा कराने का एक प्रयास है। इस अवसर पर डॉ. प्रेम भण्डारी, संयोजक डीपी धाकड़ सहित अनेक गणमान्य मौजूद थे। संचालन डॉ. लोकेश जैन ने किया।
READ MORE : एम बी हॉस्पिटल के हाल : ड्यूटी पर जाने से पहले खुद के लिए रेजिडेंट्स करते हें पानी का जुगाड़





No comments:
Post a Comment