भुवनेश पंड्या/ उदयपुर . विश्व के 90 देशों में होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति लोकप्रिय है। इसमें हर मर्ज की दवा है और कोई साइड इफेक्ट नहीं होने से यह लोकप्रिय है। अंत स्रावी ग्रंथियों से उत्पन्न होने वाले रोग जैसे थाइराइड, डायबिटिज, लम्बाई नहीं बढऩा, बालों का झडऩा आदि रोगों का होम्योपैथी में कारगर उपचार उपलब्ध है।उक्त विचार शनिवार को राजस्थान विद्यापीठ डीम्ड टू बी विवि के संघटक होम्योपैथी चिकित्सा महाविद्यालय के 21वें स्थापना दिवस पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार के समापन पर कुलपति प्रो. एस.एस. सारंगदेवोत ने कही। मुख्य अतिथि सीसीएच नई दिल्ली के रजिस्ट्रार डॉ.आशीष दत्ता ने कहा कि होम्योपैथी चिकित्सा का भारत में तेजी से विस्तार हो रहा है। इसमें रोग का जड़ से इलाज होने से लोगो का विश्वास बढ़ता जा रहा है। यही वजह है कि आज यह वैकल्पिक चिकित्सा के रूप में अपना स्थान बना रही है।
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180 प्रतिभागियों ने पत्रों का वाचन किया
प्रारंभ में प्राचार्य डॉ. अमिया गोस्वामी ने प्रतिवेदन में बताया कि तीन समानान्तर सत्रों में 180 प्रतिभागियों ने पत्रों का वाचन किया। इस अवसर पर डॉ. कीर्ति सिंह, डॉ. नवीन विश्नोई, डॉ. लीली जैन, डॉ. एजाज हुसैन ने भी विचार व्यक्त किए। समापन सत्र में कुलपति सारंगदेवोत ने प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र एवं स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।





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