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मोदी के राज में गुजरात कैडर के आइएएस अफसरों के 'अच्छे दिन'

नई दिल्ली. अच्छे दिनों के वादे के साथ सत्ता में आई भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राज में गुजरात के अफसरों के 'अच्छे दिन' आ गए हैं। एक रिपोर्ट बताती है कि मौजूदा समय में गुजरात कैडर के डेढ़ दर्जन से ज्यादा आइएएस अफसर प्रधानमंत्री कार्यालय में अहम पदों पर काबिज हैं। सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी के मुताबिक केंद्र सरकार में तैनात 492 आइएएस अफसरों में 18 गुजरात कैडर के हैं। करीब 4 फीसदी इन अफसरों की तैनाती अहम पदों पर की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, 18 अफसरों में से चार प्रधानमंत्री कार्यालय यानी पीएमओ, जबकि चार वित्त मंत्रालय और दो गृह मंत्रालय में हैं।

रिटायरमेंट के बाद नियुक्ति, सबसे मजबूत
1972 बैच के सेवानिवृत्त आइएएस अफसर प्रमोद कुमार मिश्रा प्रधानम़ंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव हैं। मोदी सरकार ने 2014 में पांच साल के लिए उनकी तैनाती की थी। 2001 से 2004 तक वे गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर भी नरेंद्र मोदी के प्रधान सचिव रह चुके हैं। मूल रूप से उड़ीसा के रहने वाले मिश्रा प्रधानमंत्री कार्यालय में सबसे मजबूत और मोदी के सबसे करीबी अधिकारियों में शुमार हैं।

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वाइब्रेंट गुजरात से पीएमओ में अतिरिक्त सचिव
गुजरात कैडर के 1988 बैच के आइएएस अरविंद कुमार शर्मा पीएमओ में अतिरिक्त सचिव हैं। वे पीएमओ में तैनात गुजरात कैडर के सबसे वरिष्ठ आइएएस हैं। 1988 बैच के आइएएस शर्मा के चलते ही वाइब्रेंट गुजरात समिट सफलता का पर्याय बनी। मुख्यमंत्री रहते निवेश को आकर्षित करने के लिए शुरू किए गए वाइब्रेंट गुजरात सम्मेलनों से ही मोदी की छवि विकास पुरुष के रूप मेें गढ़ी गई। मूल रूप से उत्तरप्रदेश के मऊ के रहने वाले शर्मा की पहचान संकटमोचक के रूप में है।

भरूच से पीएम के निजी सचिव पद तक
1996 बैच के गुजरात कैडर के अफसर राजीव टोप्नो प्रधानमंत्री के निजी सचिव हैं। झारखंड के रहने वाले टोप्नो मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्री रहते हुए भी पीएमओ में रह चुके हैं। कोलकाता के सेंट जेवियर्स कॉलेज से ग्रेजुएशन करने वाले टोप्नो की पहली पोस्टिंग गुजरात के भरूच जिले में सहायक कलेक्टर के तौर पर हुई थी। 2009 में टोप्नो डेपुटेशन पर केंद्रीय सेवा में दिल्ली पहुंचे। तब से जुलाई 2014 तक वे तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कार्यालय में उप सचिव के पद पर रहे। 19 जुलाई 2014 को उनकी निुयक्ति प्रधानमंत्री मोदी के निजी सचिव के पद पर हुई।

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निदेशक राजेंदर कुमार 2004 बैच के
प्रधानमंत्री कार्यालय में निदेशक पद पर गुजरात के आइएएस अधिकारी राजेंदर कुमार तैनात हैं। 2004 बैच के अधिकारी राजेंदर इसी वर्ष जुलाई में पीएमओ में नियुक्त हुए हैं। इससे पूर्व वे केंद्र में ही कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग में निदेशक के तौर पर तैनात थे।

गुजरात से दिल्ली तक करीबी
जुलाई 2016 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऑफिसर आॅन स्पेशल नियुक्त हुए संजय आर भावस्वर 2009 बैच के आइएएस अधिकारी हैं। लंबे समय से मोदी के करीबी अधिकारियों की लिस्ट में शामिल रहे भावस्वर गुजरात में सेवा के दौरान भी महत्वपूर्ण पदों पर रहे थे। प्रधानमंत्री से मुलाकात और उनकी आधिकारिक यात्राओं का जिम्मा भावस्वर संभालते हैं।

ये भी अहम पदों पर तैनात
इनके अलावा अनिल गोपीशंकर मुकिम (1985 बैच) खनन सचिव, गुरुप्रसाद मोहापात्रा (1986 बैच) अध्यक्ष, एयरपोट्र्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया, अनिता कारवाल (1987 बैच) अध्यक्ष, सीबीएसई बनाए गए हैं।

सीबीआइ में भी गुजरात के अधिकारियों का दबदबा
मोदी ने गुजरात कैडर के आइपीएस अधिकारियों को भी केंद्र में अहम जिम्मेदारी दी है। 1984 बैच के आइपीएस राकेश अस्थाना सीबीआइ उप निदेशक हैं। 1987 बैच के एके शर्मा और 1988 के प्रवीण सिन्हा संयुक्त निदेशक हैं। एके शर्मा पर अभी हाल ही में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि उन्होंने लुकआउट नोटिस को कमजोर करके विजय माल्या को विदेश भागने में मदद की थी। राहुल ने शर्मा को पीएम मोदी की आंखों का तारा कहा था।

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रिजर्व बैंक संभाल रहे उर्जित पटेल
रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल भी गुजरात के ही हैं। वहीं, गुजरात कैडर के सबसे वरिष्ठ और 1981 बैच के अधिकारी हसमुख अधिया केंद्रीय वित्त सचिव हैं। इसी मंत्रालय में अतनु चक्रवर्ती और गिरीश चंद्र मुर्मू अहम पदों पर हैं। चक्रवर्ती निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग में सचिव हैं जबकि मुर्मू राजस्व विभाग में विशेष सचिव हैं। इसी मंत्रालय में एस अपर्णा (1988 बैच) को अतिरिक्त सचिव बनाया गया है। गृह मंत्रालय में वी थिरुपुग्गा और प्रवीणभाई खोडाबाई सोलंकी को तैनात किया गया है।

भाजपा संगठन में भी गुजरात का दबदबा
प्रशासनिक स्तर पर ही नहीं, भाजपा संगठन में भी गुजरात का दबदबा है। प्रधानमंत्री के रूप में सरकार और पार्टी अध्यक्ष के रूप में अमित शाह भाजपा संगठन के मुखिया हैं। वहीं, गुजरात में काम कर चुके कई नेता संगठन का काम संभालने में शाह की मदद करते हैं। वित्त मंत्री अरुण जेटली गुजरात से राज्यसभा पहुंचे हैं। अभी संगठन में हाशिए पर चल रहे पूर्व उप—प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी गांधीनगर से सांसद हैं और भाजपा मार्गदर्शक मंडल के सबसे वरिष्ठ सदस्य हैं।



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