नई दिल्ली। लम्बे समय से वेस्टइंडीज टीम से बाहर चल रहे भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के सबसे चहेते खिलाड़ी ड्वेन ब्रावो ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया है। ब्रावो ने भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेली जा रही वनडे में नहीं चुने जाने के बाद यह बड़ा फैसला लिया है। ब्रावो कई सालों से टीम से बाहर हैं हालांकि वह दुनियाभर में फ्रैंचाइजी टी20 क्रिकेट खेलते रहेंगे।
14 साल तक वेस्टइंडीज के लिए खेलने के बाद कहा अलविदा -
35 वर्षीय इस खिलाड़ी ने इस बात की जानकारी त्रिनिदाद एंड टोबैगो के एक अखबार के जरिए दी। ब्रावो ने कहा " आज मैं विश्व क्रिकेट को यह जानकारी देने चाहता हूं कि इंटरनेशनल क्रिकेट के सभी फॉर्मट से मैं संन्यास ले रहा हूं। 14 साल तक वेस्टइंडीज के लिए खेलने के बाद अलविदा कहने जा रहा हूं। मुझे आज भी याद है साल 2004 में इंग्लैंड के खिलाफ डेब्यू मैच में जब लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड में मुझे पहली बार मरून कैप दी गई थी। तब जो जज्बा और जोश मेरे अंदर था मैंने उसे पूरे करियर के दौरान बरकरार रखा।” इसके अलावा ब्रावो ने कहा ”मैं स्वीकार करना चाहता हूं। एक प्रोफेशनल के तौर पर क्रिकेट बनाए रखने के लिए मैं वही करूंगा जो बाकी लोगों ने पहले किया है। नई पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट को छोड़ना चाहूंगा।”
आईपीएल में बनाई अलग पहचान -
बता दें ब्रावो ने साल 2004 में डेब्यू किया था। ब्रावो दुनिया के सबसे खतरनाक ऑलराउंडर में से एक हैं। आईपीएल में कई बार ब्रावो ने हारा हुआ मैच अपनी टीम को जिताया है। गेंद हो या बल्ला बारवो दोनों से कारनामा करने में माहिर हैं। ब्रावो ने वेस्टइंडीज की तरफ से 40 टेस्ट मैच में 2200 रन बनाए हैं जबकि 86 विकेट भी हासिल किए हैं। वनडे क्रिकेट की बात करें तो उनके नाम 164 मुकबलों में 2968 रन के साथ 199 विकेट हैं। इतना ही नहीं आईपीएल में 100 विकेट और 100 से ज्यादा रन बनाने वाले वे इकलौते खिलाड़ी हैं। ब्रावो ने आखिरी मैच चार साल पहले 2014 में खेला था।





No comments:
Post a Comment