नई दिल्ली। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के दो सुपर बॉस को मोदी सरकार के आदेश पर छुट्टी पर भेजने के खिलाफ कांग्रेस का आज देश भर में हल्ला बोल जारी है। इसके साथ ही घूसकांड से शुरू हुई सीबीआई की जंग अब पूरी तरह से राजनीतिक हो गई है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी इस लड़ाई को लेकर सड़क पर उतर आए हैं। राहुल गांधी की अगुवाई में ये मार्च दयाल सिंह कॉलेज से शुरू हुआ और सीबीआई दफ्तर तक पहुंचा। राहुल गांधी के साथ कांग्रेस के कई बड़े नेता और विपक्षी पार्टियों के नेता भी इस मार्च में शामिल है। मार्च करते हुए राहुल गांधी सीबीआई मुख्यालय पहुंच चुके हैं। उनके साथ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता भी भारी संख्या में प्रदर्शन में शामिल हैं।
मार्च में लेट से शामिल हुए राहुल
सीबीआई डायरेक्टर आलोक वर्मा को जबरन छुट्टी पर भेजे जाने के खिलाफ शुक्रवार को सीबीआई दफ्तर के घेराव में राहुल गांधी को कांग्रेस कार्यकर्ताओं की अगुवाई करनी थी। उन्होंने इस बारे में आज सुबह ट्वीट भी किया था लेकिन वे 11 बजे की बजाय 12.30 बजे मार्च में शामिल होने के लिए पहुंचे। उनने पहले कांग्रेस नेता आनंद शर्मा, प्रमोद तिवारी सहित अन्य नेता सीबीआई मुख्यालय के बाहर पहुंच चुके थे। दूसरी तरफ बेंगलुरु, चंडीगढ़, पटना, लखनऊ, दिल्ली, भोपाल, रायपुर, जयुपर सहित देश के कई शहरों में कांग्रेस का हल्ला बोल जारी है। बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया है कि राकेश अस्थाना ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सृजन घोटाले में बचाया है। तृणमूल कांग्रेस ने हल्ला बोल का समर्थन किया है। टीएमसी की ओर से नदीम उल हक कांग्रेस के प्रदर्शन में शामिल हुए हैं। उनके साथ टीएमसी कार्यकर्ता भी इस प्रदर्शन में शामिल हैं।
सीबीआई हेडक्वार्टर की बढ़ाई गई सुरक्षा
कांग्रेस के हल्ला बोल को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सख्त इंतजाम किए हैं। पुलिस की कोशिश है कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं को स्कोप कॉम्प्लेक्स पर ही रोक दिया जाए। सीबीआई मुख्यालय की तरफ जाने वाली सड़क को सील कर दिया गया है। इसके अलावा एक रास्ते को पूरी तरह से बंद किया गया है। सीबीआई दफ्तर के बाहर वाटर कैनेन भी लाए गए हैं।





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