अलवर के किशनगढ़बास के कोलगांव में अल्पसंख्यक विभाग एक हजार करोड़ की लागत से मौलाना आजाद एजूकेशन फाउंडेशन नाम से उच्च शिक्षण संस्थान खुलेगा। इसका शिलान्यास अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने किया। अलवर आए नकवी ने कहा कि मोदी सरकार जो भी कम कर रही है, वो वोट के लिए नहीं है। हम केवल विकास चाहते है। जो काम 70 साल में नहीं हुए, वो काम मोदी सरकार ने चार साल में किए है। अब आप को तय करना है कि आप किस को वोट देंगे। आप किसका साथ देंगे। मेवात के लिए अलवर में विवि खुलने जा रहा है। 2020 तक इसको शुरू करने की योजना है। यह विवि पीपीपी मोड पर होगा। इसमें बच्चा पांचवी में प्रवेश लेगा व डॉक्टर, इंजीनियर या नोकरी देने वाला बनकर निकलेंगे।
मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि इस विवि के लिए सभी राज्यों के पत्र आए थे। उसके बाद एक टीम बनाई गई थी। जिसकी रिपोर्ट के आधार पर यह विवि बन रहा है। उसने कहा कि यह मेवात में शिक्षा का स्तर बहुत खराब है। इस विवि की यहा आवश्यकता है। इसलिए विवि को इस क्षेत्र में खोला जा रहा है। इसमें 40 प्रतिशत सीटें बालिकाओं के लिए रिजर्व रहेगी। इसके अलावा कोई भी इसमें पढ़ाई कर सकता है। इस विवि में स्किल डेवलपमेंट की भी ट्रेनिंग दी जाएगी। यह विवि अपने आप की सबसे अलग विवि होगी। हालांकि अभी तक विवि के लिए बजट जारी नही किया गया है। यह विवि पीपीपी मॉडल पर रहेगा। मंत्री ने कहा कि उसके लिए संस्थाओं से बातचीत चल रही है।
इसके प्रारंभिक चरण में करीब 1400 छात्र-छात्राओं को अध्ययन को मौका मिल सकेगा। जिले में मेवात का बड़ा हिस्सा शामिल होने के कारण केन्द्र सरकार के अल्पसंख्यक मामलात विभाग ने किशनगढ़बास के कोलगांव में राष्ट्रीय शिक्षण संस्थान मौलाना एजूकेशन फाउंडेशन को मंजूरी दी थी। इसमें एक हजार करोड़ से ज्यादा खर्च होने का अनुमान है। प्रस्ताव के प्रथम चरण में 650 करोड़ रुपए की लागत से संस्थान का भवन एवं अन्य आवश्यक संसाधन मुहैया कराए जाएंगे।
इन जिलों का मिलेगा लाभ
अलवर, भरतपुर व हरियाणा के मेवात को उच्च शिक्षण संस्थान खुलने से फायदा मिलेगा। पूर्व में यहां अल्पसंख्यकों को उच्च शिक्षा के लिए कोई बड़ा शिक्षण संस्थान नहीं था। युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों में जाना पड़ता था। अब यह सुविधाएं उन्हें किशनगढ़बास के कोलगांव में उपलब्ध हो सकेगी। मौलाना आजाद एजूकेशन फाउंडेशन के लिए जिला कलक्टर ने संस्थान को जमीन आवंटित कर दी है।
45 विषयों की होगी पढ़ाई
राष्ट्रीय शिक्षण संस्थान में करीब 45 विषयों के अध्ययन की सुविधा होगी। इसमें उच्च स्तरीय तकनीकी, कम्प्यूटर, स्किल डवलपमेंट सहित अन्य शिक्षण कार्य हो सकेंगे। यह संस्थान अंतरराष्ट्रीय स्तर का होगा और इसमें अध्ययनरत विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप भी देने का प्रावधान होगा। संस्थान में अल्पसंख्यकों के लिए 10 प्रतिशत सीटें आरक्षित रहेंगी।





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