अलसीसर/ झुुंझुनूं। जम्मू-कश्मीर में आतंकियों का शिकार हुए झुंझुनूं के मलसीसर के चैनपुरा निवासी शहीद राजेन्द्र प्रसाद का अंतिम संस्कार रविवार को उनके पैतृक गांव में किया गया। इससे पहले शहीद का शव सुबह पैतृक गांव पहुंचा। जहां अंतिम दर्शन के बाद हजारों के हुजूम के बीच शहीद की अंत्येष्ठी क्रिया की गई। अंतिम यात्रा के दौरान गांव शहीद और भारत माता के जयकारों से गूंज उठा। अंत्येष्टि स्थल पर गार्ड ऑफ ऑनर के बीच शहीद को मुखाग्नि बेटे प्रदीप और सत्येन्द्र ने दी।
बता दें कि आतंकियों ने बड़गाम जिले के वगूरा पावर ग्रिड स्टेशन पर गोलीबारी कर दी। इसमें केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआइएसएफ) का एएसआइ राजेन्द्र प्रसाद शहीद हो गया था। राजेन्द्र प्रसाद राजस्थान के झुंझुनूं जिले के मलसीसर उपखण्ड के लादूसर ग्राम पंचायत के चैनपुरा के रहने वाले थे। उधर, जम्मू कश्मीर में राजेन्द्र प्रसाद शुक्रवार रात एक बजे करवा चौथ के दिन शहीद हो गए और इधर, सुबह पत्नी फौजी पति की लम्बी उम्र के लिए करवा व्रत रख रही थी। राजेन्द्र प्रसाद के चार बच्चे हैं। दो लड़कियों की शादी हो चुकी है। बेटे प्रदीप का एसएसबी में सलेक्शन हो चुका है। वहीं दूसरे बेटे का नाम सत्येन्द्र है।
राजेन्द्र प्रसाद की पार्थिव देह रविवार सुबह दस बजे गांव पहुंंची। 11 बजे उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनकी अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। जानकारी के अनुसार जिस आतंकी हमले में राजेन्द्र प्रसाद शहीद हुए, उसमें आतंकियों ने पहले ग्रेनेड फेंका, जिसे संतरी ने विफल कर दिया था और राजेन्द्र प्रसाद बाल-बाल बच गए थे। इसके बाद आतंकियों ने फिर से हमला किया और इस बार हैंड ग्रेनेड फेंका। इस बार के हमले भी राजेन्द्र प्रसाद बाल-बाल बच गए थे। दो बार बचने के बाद राजेन्द्र प्रसाद पूरी बहादुरी से आतंकियों को सामना कर रहे थे। तीसरी बार में आतंकियों ने फायरिंग की, जिसमें एक गोली राजेन्द्र प्रसाद की गर्दन के पास लगी और वे शहीद हो गए।





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