सीकर. ईएसएम कैंटीन से सामान खरीदने वाले भूतपूर्व सैनिकों को दीपावली पर कैंटीन की एक और सौगात मिलने जा रही है। जिले में नीमकाथाना व सीकर के बाद अब तीसरी कैंटीन फतेहपुर में जल्द शुरू होगी। फतेहपुर व उसके आस-पास के 11 हजार से अधिक भूतपूर्व सैनिकों को इसका फायदा मिलेगा। वहीं सीकर में कैंटीन का भार कम होने से शहर के आस-पास के भूतपूर्व, कार्यरत सैनिकों व उनके परिजनों को सामान खरीदने में आसानी होगी। कैटींन से सामान खरीदने के लिए भूतपूर्व सैनिकों को पहले लंबी दूरी तय कर सीकर आना पड़ता था। भीड़ अधिक होने के चलते कतार में लगकर सामान खरीदने के लिए भूतपूर्व सैनिक दिनभर परेशान होते थे।
सीकर ने मारी बाजी
झुंझुनूं जिले में भले ही भूतपूर्व सैनिकों की संख्या सीकर से अधिक है। लेकिन ईएसएम कैंटीन खोलने के मामले में सीकर ने बाजी मार ली। भूतपूर्व सैनिकों की संख्या के अनुसार झुंझुनूं में 25 से 26 हजार भूतपूर्व सैनिकों के लिए झुंझुनूं व चिड़ावा में ईएसएम कैंटीन खुली हुई है। वहीं सीकर जिले में 20 हजार भूतपूर्व सैनिकों के लिए नीमकाथाना व सीकर के बाद अब फतेहुपर में भी कैंटीन की सौगात मिलने जा रही हैं। फतेहपुर कैंटीन शुरू होने से सालासर, लक्ष्मणगढ़, जुलियासर, पाटेदा, बीबीपुर, श्यामसर, रामगढ़ आदि इलाकों का फायदा मिलेगा।
वीर चक्र विजेता को दी अंतिम विदाई
सीकर. वीर चक्र विजेता बन्ने सिंह शेखावत का शुक्रवार को पैतृक गांव लालासी तहसील लक्ष्मणगढ़ में निधन हो गया। शनिवार को ग्रामीणों ने नम आंखों के बीच ससम्मान उनकी अंत्येष्टि की। उनके लडक़े बहादुर सिंह व रतन सिंह के अनुसार वे 85 साल के थे और 1971 के भारत-पाक युद्ध में शौर्य का प्रदर्शन करने पर उन्हें वीर चक्र देकर सम्मानित किया गया था। युद्ध के दौरान हाथ में ग्रेनेड फटने से उन्होंने अपना दाहिना हाथ गंवा दिया था और दुश्मनों से लड़ते-लड़ते घायल हो गए थे। शनिवार को उनकी अत्येंष्टि के दौरान सैनिक कल्याण विभाग की ओर से पुष्पचक्र अर्पित किया गया और लालासी सहित आस-पास के कई ग्रामीण
एकत्रित हुए।





No comments:
Post a Comment