करौली. उत्तर भारत प्रसिद्ध आस्थाधाम कैलादेवी में दुर्गाष्टमी के दिन चार लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने माता की देहरी धोकी। माता की एक झलक के लिए श्रद्धालुओं को घंटों का इंतजार करना पड़ा। दुर्गाष्टमी के अवसर पर दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं का रात से ही पहुंचना शुरू हो गया, तडक़े 4 बजे कालीसिल नदी में स्नान के बाद जयकारों के साथ मंदिर में पहुंचे। मंदिर के मुख्य दरवाजे से लेकर दुकानों तक भीड़ लग गई। बैरिकेड्स में श्रद्धालुओं को लाइन को आगे बढाया,भीड़ की वजह से दो-दो घंटे में दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं का नम्बर आया। इस दौरान कैला माता के जयकारे गूंजते रहे। कैलादेवी मंदिर ट्रस्ट के सुरक्षाकर्मी तथा पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने में मशक्कत करनी पड़ी। मंदिर ट्रस्ट प्रबन्धक महेश शर्मा ने बताया कि सुबह चार बजे से रात तक लगभग चार लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। इधर विशेषाधिकारी गिर्राज प्रसाद शर्मा ने बताया कि श्रद्धालुओं के लिए पानी के पाउचों का वितरण किया गया। उन्होंने बताया कि सुरक्षा, सफाई की भी प्रभावी व्यवस्था की गई।
कन्या, लांगुरियों के गीत भी गूंजे
कैलादेवी मंदिर परिसर में कन्या, लांगराओं के गीतों पर महिला श्रद्धालुओं ने नृत्य किया। धर्मशाला तथा अन्य सार्वजनिक स्थानों पर जगह-जगह महिलाएं भजनों पर नाचती नजर आई। घट स्थापना के लिए कालीसिल नदी तथा धर्मशालाओं में साधना कर रहे श्रद्धालु भी मां के जयकारों के साथ दर्शनों के लिए पहुंचे। महिलाओं ने अपने छोटे बच्चों का जड़ूला संस्कार भी कराया तथा नए वाहनों के सगुन के तौर पर पूजा कराई गई। इसके अलावा श्रद्धालुओं ने कन्या, लांगरों का जीमन कराया तथा प्रसाद का वितरण किया।
रोडवेज ठसाठस, मंदिर में भीड़
श्रद्धालुओं की भीड़ अधिक उमडऩे से रोडवेज बस ठसाठस होकर चली, बसों में पैर रखने को जगह नहीं मिली। हिण्डौन सिटी, धौलपुर, जयपुर, अलवर तथा दिल्ली की बसों में यात्री भर खूब रहा। दोपहर के समय बसों का अभाव होने से यात्रियों को अवैध रूप से संचालित डग्गेमार वाहनों में यात्रा करना पड़ी। यात्रियों से डग्गेमार वाहन चालकों ने मनमाना किराया वसूल किया।





No comments:
Post a Comment