सीकर/ फतेहपुर. हथियारों की चकाचौंध दिखाकर बेरोजगार युवाओं को अपराध की तरफ धकेला जा रहा है। इसके लिए बाकायदा वाट्सएप ग्रुप बनाकर युवकों को गैंग में शामिल किया जा रहा है। इसके अलावा फेसबुक पर हथियारों के साथ फोटो शेयर किए जा रहे हैं। ताकि युवा उनसे जुड़े और झांसे में आने के बाद खुद का गिरोह बनाकर उनको भी अपराध के जाल में फंसाया जा सके।
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यह चौंकाने वाला खुलासा मंगलवार को राजस्थान के सीकर जिले के फतेहपुर कस्बे में हुआ है। जिसमें मारपीट करने की फिराक में बैठे दो युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। जबकि उनके पांच-छह साथी भागने में कामयाब हो गए। पकड़े गए युवाओं के मोबाइल पुलिस ने देखे तो उसके भी होश उड़ गए।
पूछताछ में सामने आया है कि उन्होंने युवा साथियों को अपराध से जोडऩे और खुद की गैंग बनाने के लिए वाट्सएप पर ग्रुप बना रखा था। पुलिस ने जब उनकी फेसबुक प्रोफाइल देखी तो उस पर नकली हथियारों के साथ फोटो डाले हुए थे। फतेहपुर कोतवाली पुलिस ने इन दोनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया और इनके साथियों के बारे में पूछताछ कर रही है।
फतेहपुर कोतवाल राजीव राहड़ ने बताया कि मंगलवार को सूचना मिली कि कुछ युवक दो जांटी बालाजी के पास इक_े हो रखे हैं। जो कि, किसी आपराधिक वारदात की फिराक में हैं। पुलिस ने जब मौके पर दबिश दी तो कुछ यवा भाग छूटे।
लेकिन, फतेहपुर के वार्ड संख्या 19 के रहने वाले सौरव सैन और मंडावा इलाके के गोदु का बास गांव के निवासी अमित को पुलिस ने पकड़ लिया। इनके मोबाइल की तलाशी ली तो पता चला कि उन्होंने एक अपना वाट्सएप ग्रुप बना रखा है। जिसका नाम सिस्टम का ग्रुप दे रखा है।
इस ग्रुप में इन्होने कई युवाओं को जोड़ रखा था और उनसे अपराध से जुड़ी जानकारी शेयर कर रहे थे। फेसबुक और वाट्सएप पर यह लोग हथियारों के साथ अपनी फोटो डालकर युवाओं को भ्रमित कर रहे थे। इनके पास जो हथियार थे वह भी नकली थे।
लेकिन, यह हर पोस्ट में इन्हें असली हथियार बता रहे थे। किसी भी मारपीट से जुड़ी घटना तुरंत वाट्सएप ग्रुप में शेयर करते थे। इन्होंने पुलिस पूछताछ में बताया कि यह खुद की गैंग बनाकर अपराध करना चाह रहे थे।
सीमा का दिख रहा असर
पुलिस का मानना है कि फतेहपुर से कई अपराधिक गतिविधियों में जुड़े जिलों की सीमा लगना इसका मुख्य कारण है। क्योंकि झुंझुनूं, चूरू, नागौर जिले में कई ऐसे अपराधी हैं। जिनके संपर्क कहीं ना कहीं फतेहपुर से भी जुड़े हुए हैं। पुलिस इनकी भी सूची तैयार कर रही है। ताकि अपराध के दलदल में फंसने वाले बाकी बेरोजगार युवाओं को बचाया जा सके।





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