दौसा ग्रामीण. पंचायतीराज कर्मचारियों के आंदोलन का असर महात्मा गांधी की जयंती पर ग्राम पंचायतों में आयोजित ग्राम सभाओं पर भी पड़ा। ऐसे में किसी ग्राम पंचायत का ताला नहीं खुला तो कहीं कोरम के अभाव में ग्राम सभा स्थगित कर दी गई।
जानकारी के अनुसार महात्मा गांधी की जयन्ती पर 2 अक्टूबर को प्रतिवर्ष ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाता है। इसी कड़ी मेंं मंगलवार को ग्राम पंचायतों में ग्रामसभाओं का आयोजन होना था, लेकिन सरपंचों की ओर से सहयोग नहीं करने से अधिकांश पंचायतों में ग्राम सभा खाना पूर्ति बनकर रह गई।
ग्राम पंचायत कालोता के अटल सेवा केन्द्र मंगलवार सुबह 10 बजे तक भी ताला नहीं खुला। इसी प्रकार ग्राम पंचायत भांकरी में पंचायत सहायक सुनीता मीना, विजयसिंह एवं पंचायत समिति कार्मिक सावित्री सुबह अटल सेवा केन्द्र पहुंच गई, लेकिन 10 बजे बाद भी ताला लगा मिला। ऐसे में कार्मिक बाहर ही बैठे दिखाई दिए।
इस संबंध में जिला परिषद मुख्य कार्यकारी अधिकारी से सम्पर्क करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया गया। दौसा पंचायत समिति विकास अधिकारी राजेश त्रिवेदी ने बताया कि कई अटल सेवा केन्द्रों पर ताला लगा मिला तो कई पंचायतों मेंं कोरम के अभाव में ग्रामसभा स्थगित कर दी गई।
बहिष्कार कर रखा है
सरपंच संघ दौसा अध्यक्ष चैनसुख चैची ने बताया कि पंचायतीराज सेवा परिषद की ओर से विभिन्न मांगों को लेकर आन्दोलन किया जा रहा है। उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होने तक सरकार का असहयोग जारी रहेगा। ऐसे में संघ की ओर से सहयोग नहीं होने के कारण मंगलवार को होने वाली ग्रामसभाओं का आयोजन नहीं हो सका।
गुढ़ाकटला. जिले में सरपंचों एवं सचिवों के कार्य बहिष्कार के चलते गांधी जंयती पर आयोजित ग्राम सभा नहीं हो सकी। इससे गांवों में ग्रामीणों एवं पंचायत सरकार के बीच विकास पर चर्चा नहीं हो सकी। सरपंचों के विरोध के चलते आईटी केन्द्र पर ताले लटके रहे। गुढ़ाकटला में ग्रामीण ग्राम सभा होने की आस लेकर आए, लेकिन केन्द्र पर ताला देख बैरंग लौट गए।





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