भुवनेश पंड्या/ उदयपुर. आप खाद्य कारोबारी हैं तो जो बेच रहे हो, इसके आधार पर आपको अपने प्रतिष्ठान के बाहर बोर्ड लटकाना होगा। खाद्य सुरक्षा को लेकर सरकार के निर्देश पर चिकित्सा विभाग ने सभी कारोबारियों को पत्र जारी कर तत्काल पालना के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह स्पष्ट किया है कि यदि कोई भी कारोबारी बगैर लाइसेंस के दुकान चला रहा है तो उसके खिलाफ जुर्माने की कड़ी कार्रवाई होगी।
ये लगाने होंगे बोर्ड
- रेस्टोरेंट - बैंगनी रंग बोर्ड
- फल व सब्जी- हरा
- मांस व्यवसाय- लाल
- स्ट्रीट फूड- बैंगनी
- रिटेल स्टोर- ग्रे
- शराब रिटेल- भूरा
- परिवहन व वितरण- गहरा नीला
- भंडारण- पीला
- खाद्य सामग्री तैयार करना- फिरोजी रंग
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खाद्य सामग्री की शिकायत एप पर भी
यदि किसी भी खाद्य सामग्री को लेकर आपको कोई शिकायत है तो मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय के वाट्स एप नम्बर की जानकारी लेकर की जा सकेगी, ताकि विभाग इस पर तत्काल कार्रवाई कर सके।
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यदि किसी के पास लाइसेंस नहीं है तो कड़ी कार्रवाई होगी। सभी को जल्द से जल्द रंगों के अनुसार ही बोर्ड अपने प्रतिष्ठान पर डिस्प्ले बोर्ड लगाने होंगे।
दिनेश खराड़ी, अभिहीत अधिकारी (खाद्य सुरक्षा), सीएमएचओ
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013
सरकार ने संसद द्वारा पारित, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 दिनांक 10 सितम्बर, 2013 को अधिसूचित किया है, जिसका उद्देश्य एक गरिमापूर्ण जीवन जीने के लिए लोगों को वहनीय मूल्यों पर अच्छी गुणवत्ता के खाद्यान्न की पर्याप्त मात्रा उपलब्ध कराते हुए उन्हें मानव जीवन-चक्र दृष्टिकोण में खाद्य और पौषणिक सुरक्षा प्रदान करना है। इस अधिनियम में, लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (टीपीडीएस) के अंतर्गत राजसहायता प्राप्त खाद्यान्न प्राप्त करने के लिए 75त्नग्रामीण आबादी और 50त्नशहरी आबादी के कवरेज का प्रावधान है, इस प्रकार लगभग दो-तिहाई आबादी कवर की जाएगी। पात्र व्यक्ति चावल/ गेहूं/मोटे अनाज क्रमश: 3/ 2/1 रूपए प्रति किलोग्राम के राजसहायता प्राप्त मूल्यों पर 5 किलोग्राम खाद्यान्न प्रति व्यक्ति प्रति माह प्राप्त करने का हकदार है। मौजूदा अंत्योदय अन्न योजना परिवार, जिनमें निर्धनतम व्यक्ति शामिल हैं, 35 किलोग्राम खाद्यान्न प्रति परिवार प्रति माह प्राप्त करते रहेंगे।





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