जैसलमेर. जैसलमेर जिले के पर्यटन के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण सम सेंड ड्यून्स और उससे लगते क्षेत्र में अंधाधुंध ढंग से किए गए अतिक्रमणों और अवैध कब्जों के खिलाफ प्रशासन 20 अक्टूबर से अतिक्रमण हटाओ अभियान छेडऩे जा रहा है। यह अभियान 20, 21 और 22 अक्टूबर के दौरान चलेगा। इसके तहत सम मार्ग, सम सेंड ड्यून्स और लखमणों की बस्ती सेंड ड्यून्स क्षेत्र में स्थानीय बाशिंदों की ओर से कच्चे-पक्के झोंपे बनाकर, केबिन रखकर तथा कुछ जगहों पर पत्थर की पट्टियां लगाकर की गई तारबंदी को हटाया जाएगा। इस संबंध में राजस्थान भू राजस्व अधिनियम 1956 की धारा 91 के तहत पहले ही मामले दर्ज किए जा चुके हंैं।
लगा रहे सुन्दरता पर दाग
गौरतलब है कि पर्यटन के लिहाज से सम सेंड ड्यून्स क्षेत्र अत्यन्त महत्वपूर्ण है। वहां पर किए गए अतिक्रमणों व अवैध कब्जों से सुनहरे रेतीले धोरों की सुन्दरता प्रभावित हो रही है। इसके अलावा इन अतिक्रमणों की आड़ में पर्यटकों के साथ दुव्र्यवहार, छीना-झपटी तथा लपकागिरी भी बढ़ती जा रही है।
100 से अधिक हैं अवैध कब्जे
सम सेंड ड्यून्स क्षेत्र में एक अनुमान के मुताबिक 100 से ज्यादा अवैध कब्जे पिछले वर्षों के दौरान कायम हो चुके हैं। अतिक्रमणकारियों को तहसीलदार विरेन्द्रसिंह ने नोटिस देकर आगाह किया है कि वे अपने अतिक्रमित क्षेत्र 20 तारीख से पहले खाली कर दे। अन्यथा उनके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। जानकारी के मुताबिक तहसील प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान पुलिस जाब्ता मुहैया करवाने के लिए लिखा है।
शतचण्डी महायज्ञ संपन्न
पोकरण. क्षेत्र के माड़वा के देवलपुरा गांव में अखेसर तालाब के पास स्थित चंदू मैया व देवल माता मंदिर परिसर में चल रहे नौकुण्डीय शतचण्डी महायज्ञ गुरुवार को पूर्णाहुति के साथ संपन्न हुआ। गौरतलब है कि मंदिर में गत 10 अक्टूबर को आचार्य पंडित ताराचंद पालीवाल के सानिध्य में शतचण्डी महायज्ञ शुरू किया गया था। सात दिनों तक लगातार हवन का आयोजन कर यजमानों की ओर से आहुतियां दी गई। इसके अलावा पंडितों की ओर से दुर्गाशप्तशति के पाठ किए गए। इस अनुष्ठान में माड़वा, बड़ली, ऊजला सहित आसपास क्षेत्र के श्रद्धालुओं ने भाग लिया। गुरुवार को यज्ञ की पूर्णाहुति की गई। इसके बाद आरती कर प्रसादी का वितरण किया गया।





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