राजसमंद. एक बेटा शिक्षाधिकारी, तो दूसरा पुलिस कांस्टेबल, तीसरा अधिवक्ता और चौथा बेटा ग्राम पंचायत में सहायक सचिव के पद पर कार्यरत होने के बावजूद उनकी मां को आवाहीन दर्शाकर प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए पात्र बताकर पहली किश्त भुगतान के लिए प्रस्ताव भेज दिया। पारड़ी ग्राम सेवक व सरपंच की अनियमितता सामने आने के बाद देवगढ़ पंचायत समिति स्तर तक के अफसरों में हडक़ंप मच गया। जानकारी के अनुसार कोटड़ा (पारड़ी) निवासी भीम नाथ पुत्र रामनाथ ने कलक्टर को दिए ज्ञापन में बताया कि अप्रेल 2018 में विशेष ग्रामसभा में आवास योजना के लिए प्राप्त हुए आवेदन पत्रों की जांच कर ग्रामसेवक ने पात्र का चयन कर प्रस्ताव केन्द्र सरकार को भेज दिए। आवास योजना की पात्रता सूची में बादामी देवी पत्नी अर्जुनलाल जोशी का चयन हुआ, जिनका एक बेटा शंकरलाल पारड़ी ग्राम पंचायत में ही सहायक सचिव पद पर कार्यरत है। इसके अलावा एक बेटा भीलवाड़ा में पुलिस कांस्टेबल है, तो दूसरा भीलवाड़ा जिले में शिक्षा अधिकारी और तीसरा देवगढ़ अदालत में बतौर अधिवक्ता वकालत कर रहा है। फिर भी तत्कालीन ग्रामसेवक द्वारा आवेदक बादामीदेवी पत्नी अर्जुनलाल जोशी को आवासहीन दर्शाकर पात्र बता दिया। इसी तरह कोटड़ा निवासी नर्बदादेवी पत्नी काना व सीमादेवी पत्नी सुरेश नाथ को आवास योजना के लिए पात्र माना है, जबकि उनके पक्के मकान बने होने के आरोप है। ज्ञापन में बताया कि शांति नाथ आवासहीन होने के बावजूद अपात्र घोषित कर आवास योजना का आवेदन निरस्त कर दिया। भीमनाथ का आरोप है कि रिश्वत लेकर ग्रामसेवक व सरपंच द्वारा अपात्र लोगों को पात्र बताकर चयन कर लिया, जबकि वास्तविक गरीबों के पास रिश्वत की राशि नहीं होने से पात्र होते हुए भी अपात्र बना दिया। शिकायत पर सुगम पोर्टल पर प्रकरण दर्ज करते हुए जिला कलक्टर ने देवगढ़ पंचायत समिति के विकास अधिकारी से जांच कर रिपोर्ट तलब की है।
बेटे राजकीय सेवा में है
बदामीदेवी जोशी का बेटा पंचायत सहायक व अन्य बेटे भी राजकीय सेवा में है। इनका प्रधानमंत्री आवास योजना में चयन कैसे हुआ, इसकी जांच ग्रामसेवक द्वारा ही की जाती है। मुझे इस बारे में जानकारी नहीं। अगर अपात्र का चयन हो गया, तो जांच के बाद उसके नाम को हटा दिया जाएगा और पात्र का चयन कर प्रस्ताव भेजा जाएगा।
लाली सालवी, सरपंच पारड़ी
मैंने नहीं किया चयन
मेरे कार्यकाल में सहायक सचिव की मां का चयन नहीं हुआ। सोहनसिंह ग्राम विकास अधिकारी थे, तब आवास योजना के प्रस्ताव बने। मैंने दो दिन पहले ही ज्वाइन किया है। अगर ऐसा हुआ है, तो गलत है।
राजूसिंह चुंडावत, ग्राम विकास अधिकारी पारड़ी
मेरे कार्यकाल में नहीं
आवास योजना में चयन मेरे कार्यकाल में नहीं हुआ। मेरे पास कुछ माह ही चार्ज रहा। पहले भी राजूसिंह थे और अब भी वे ही है और वे ही इस बारे में बता सकते हैं।
सोहनसिंह, तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी पारड़ी





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