नई दिल्ली। क्रिकेट में कब क्या हो जाए कोई कह नहीं सकता। यहां कभी कोई टीम रनों का पहाड़ खड़ा कर जाती है। तो किसी मुकाबले में गेंदबाज ऐसी घातक बॉलिंग कर जाते हैं कि विपक्षी टीम के बल्लेबाज पूरे मुकाबले के दौरान रनों के लिए तरसते रह जाते है। इसकी एक बानगी मंगलवार को आईसीसी वर्ल्ड टी 20 एशिया रीजन्स क्वॉलिफायर्स में सामने आई है। मंगलवार को मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर में म्यांमार और मलेशिया के बीच खेले गए इस मैच में दोनों पारियों में मात्र 11.5 ओवर की गेंदबाजी हुई और केवल 20 रन बने।
ताश के पत्तों की तरह बिखड़ी म्यांमार की बल्लेबाजी-
इस मैच में म्यांमार की टीम ने पहले बल्लेबाजी की। म्यांमार के बल्लेबाज मेलिशियाई गेंदबाजों के सामने ताश के पत्तों की तरह ढ़ह गए। एक समय म्यांमार के छह बल्लेबाज मात्र छह रन पवेलियन लौट चुके थे। निर्धारित 20 ओवर के खेल में म्यांमार की टीम 10.1 ओवर में 8 विकेट के नुकसान पर 9 रन बना चुकी थी, तभी बारिश के कारण खेल को रोकना पड़ा। इसके बाद डकवर्थ लुईस नियम के अनुसार मलेशिया को जीत के लिए 8 ओवर में 6 रनों का लक्ष्य दिया गया।
मात्र एक छक्के से निकल गया नतीजा-
इस मामूली से लक्ष्य को मलेशिया ने 1.4 ओवर में दो विकेट के नुकसान पर आसानी से हासिल कर लिया। मलेशिया की ओर से सुहान अलागर्थनम ने सात रन बनाए। इस टी-20 मैच की इकलौती बांउड्री सुहान ने लगाई। सुहान ने एक सिक्स लगाते हुए सात रन बनाए। इससे पहले मलेशिया की ओर से बाएं हाथ के स्पिनर पवनदीप सिंह पांच बल्लेबाजों को आउट किया। पवनदीप ने चार ओवर की गेंदबाजी के दौरान तीन ओवर मेडन रहते हुए मात्र एक रन खर्च करते हुए पांच विकेट झटके।





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