Breaking News
recent

Rajasthan ka ran : चुनाव सीजन में कुत्ते-बिल्ली गिन रहे हैं कार्मिक

उदयपुर . चुनाव में एक तरफ जहां पार्टियां अपने वोटर्स गिन रही है, वहीं प्रशासन श्वान, बिल्ली व आवारा पशुओं की गिनती करवा रहा है। पशुपालन विभाग के प्रगणक गांव-ढाणियों की गली-गली जाकर इनकी गणना कर रहे हैं। पहली बार गणना में मछली पालकों की संख्या भी पता की जाएगी। जिले के 13 पशु खण्डों में 170 प्रगणक और 37 सुपरवाइजर लगाए गए हैं जिन्हें तीन माह के भीतर रिपोर्ट देनी है। आंकड़ों की ऑनलाइन फीडिंग होगी, इसके लिए प्रगणकों को टेबलेट दिए गए हैं।


तीन माह में पशुगणना पूरी करनी है, इसकी रफ्तार तेज कर दी है। पहली बार सरकार ने टेबलेट दिए हैं जिससे तकनीकी रूप से सही आंकड़े मौके से ही फीड हो रहे हैं।

डॉ ललित जोशी, संयुक्त निदेशक, पशुपालन विभाग उदयपुर

पिछली बार यह था आंकड़ा
पिछली पशुगणना में 30 लाख 451 पशु थे, जिनमें छोटे पशु 13 लाख 90 हजार 851 और बड़े पशु 15 लाख 62 हजार 293 थे। अन्य में 51 हजार 427 पशु शामिल रहे।
जिले में 2535
राजस्व गांव

सात दिन में गिनने होंगे आवारा पशु
शहर की सडकों और गलियों में घूमने वाले पशुओं, श्वानों की गिनती के लिए तमाम प्रगणक एक साथ 25 दिसम्बर से 31 दिसम्बर तक 7 दिन में गिनती करेंगे ताकि वास्तविकता सामने आ सके।

 

REAS MORE : हत्याकाण्ड के 5 दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली...चांदी के कड़े के लिए हुई थी महिला की हत्या

 

उदयपुर के ढाई हजार से ज्यादा राजस्व गांवो में यह गणना हो रही है इनके अलावा नगर निगम, नगर परिषद और पालिका क्षेत्रों के वार्डों में भी प्रगणक जाकर पशुओं की गणना करेंगे।

 



Rajasthan Darpan IFTTT

Rajasthan Darpan IFTTT

No comments:

Post a Comment

Powered by Blogger.