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Surgical Strike Day : चुनाव से पहले राजस्थान के सरकारी स्कूलों में ऐसे भुनाया जा रहा सर्जिकल स्ट्राइक

सीकर. पाक की सरजमी में घुसकर दुश्मन के ठिकानों को नेस्तनाबूद करने तथा अत्यंत गुप्त योजना के तहत आतंकियों को मारने के लिए भारतीय सेना की ओर से 29 सितम्बर 2016 को की गई सर्जिकल स्ट्राइक को आज दो साल पूरे हो गए। पूरा देश सर्जिकल स्ट्राइक डे को पराक्रम पर्व के रूप में मना रहा है।


आइए इस मौके पर हम आपको बताएं कि सरकार की ओर से सर्जिकल स्ट्राइक को राजस्थान विधानसभा चुनाव 2018 में भी भुनाया जा रहा है। राजस्थान में दिसम्बर 2018 में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित है। चुनाव से पहले राजस्थान के युवाओं को सर्जिकल स्ट्राइक का महत्व बताने के लिए राज्य के सभी माध्यमिक व उच्च माध्यमिक विद्यालयों में 29 सितम्बर को सर्जिकल स्ट्राइक डे मनाने के आदेश जारी किए गए हैं।


राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद की राज्य परियोजना निदेशक शिवांगी स्वर्णकार ने राज्य के सभी मुख्य जिला शिक्षा अधिकारियों एवं समग्र शिक्षा अभियान के पदेन जिला परियोजना समन्वयकों को आदेश जारी कर सर्जिकल स्ट्राइक डे की सम्पूर्ण गतिविधियां भारत सरकार के आदेश के अनुसार पूर्ण तैयारी के साथ आयोजित कराने के आदेश दिए हैं।

क्या होता है सर्जिकल स्ट्राइक ( What is Surgical Strike)

किसी भी सीमित क्षेत्र में सेना जब दुश्मनों और आतंकियों को नुकसान पहुंचाने और उन्हें मार गिराने के लिए सैन्य कार्रवाई करती है तो उसे सर्जिकल स्ट्राइक कहते हैं। सर्जिकल स्ट्राइक में इस बात का ध्यान रखा जाता है कि जिस जगह या इलाके में आतंकी या दुश्मन छिपे हुए हैं सिर्फ उसी जगह को निशाना बनाया जाए। इस ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए सेना के स्पेशल कमांडो को कमान सौंपी जाती है। जहां भी सर्जिकल स्ट्राइक होता है वहां के बारे में पहले से पुख्ता जानकारी एकत्र की जाती है।

लिया था बदला

वर्ष 2016 में 28-29 सितंबर की रात को भारतीय सेना ने एलओसी पार करके आतंकी लॉन्च पैड पर हमले किए थे। सर्जिकल स्ट्राइक में करीब 50 आतंकी मारे गए थे और कई आतंकी कैंप पूरी तरह से तबाह भी हुए थे। सरकार ने बाद में पैरा कमांडोज की सर्जिकल स्ट्राइक के ऑपरेशन की कहानी शेयर की थी। मेजर रोहित सूरी के नेतृत्व में 28-29 सितंबर की रात को आठ कमांडोज की टीम पाक अधिकृत कश्मीर के लिए रवाना हुई थी।

पहले होगा वार्ता सत्र, बाद में सजेगी प्रदर्शनी

सबसे पहले वार्ता सत्र होगा। इसमें सेना के किसी रिटायर्ड अधिकारी को बुलाकर सेना व सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा सेना की ओर से चलाए जाने वाले रेस्क्यू, सहायता ऑपरेशन, आपदा प्रबंधन आदि की जानकारी दी जाएगी। इसके बाद विशेष प्रदर्शनी व परेड का आयोजन किया जाएगा। जहां एनसीसी है वहां एनसीसी कमांडर एनसीसी की भूमिका बताएंगे।

केवल युवाओं को लक्ष्य?

चाहे बाल दिवस हो, शिक्षक दिवस, गांधी जयंती या अन्य कार्यक्रम। अमूमन सभी विद्यालयों में मनाए जाते हैं। लेकिन सर्जिकल स्ट्राइक प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में नहीं मनाया जाएगा। केवल माध्यमिक व उच्च माध्यमिक विद्यालयों में ही मनाने के आदेश जारी किए गए हैं। लोगों का मानना है बारहवीं में पढऩे वाले अधिकांश युवा मतदाता बन जाते हैं, हो सकता है इसलिए केवल माध्यमिक व उच्च माध्यमिक विद्यालयों में ही सर्जिकल स्ट्राइक डे मनाने के आदेश जारी किए गए हैं। सर्जिकल स्ट्राइक हुए दो वर्ष हो गए, लेकिन यह डे चुनावी साल में ही मनाया जा रहा है।



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