डॉ. सुशील कुमार सिंह/ उदयपुर. शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, भुवाणा में पांच दिवसीय आशा मोड्युल 6 व 7 तृतीय चरण बैच प्रशिक्षण की कोताही ने बुधवार को चिकित्सा विभाग को दौड़ा दिया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दिनेश खराड़ी ने निरीक्षण किया। उनकी उपस्थिति के बीच एक समय को व्यवस्था सुधारने की 'ड्रामेबाजीÓ भी हुई, लेकिन बाद में ढर्रा जस का तस दिखाई दिया।
सुबह के समय सीएमएचओ के पहुंचने के पहले प्रशिक्षण में बिछाए गए मरीजों के गद्दों को मौके से उठाकर चिकित्सा विभाग के बड़ी स्थित स्टोर में जमा कराने की कवायद हुई। साथ ही टेंट हाउस से किराए पर गद्दे लाकर मौके पर बिछाए गए। सीएमएचओ के निर्देश पर खुले में बनाई गई रसोई को हटाने के साथ बेसमेंट में प्रशिक्षणार्थियों के लिए भोजन तैयार हुआ। सीएमएचओ निकलने के बाद प्रशिक्षण प्राप्त कर रही आशाओं ने सरकारी छुट्टी के दिन धार्मिक आयोजनों में शामिल होने को लेकर विरोध भी दर्ज कराया। गौरतलब है कि राजस्थान पत्रिका ने स्टिंग ऑपरेशन कर प्रशिक्षण की खामियों को १० अक्टूबर को प्रकाशित अंक में 'प्रशिक्षण के नाम पर आशाओं से छलावाÓ शीर्षक से जगह देकर प्रशासनिक अमले का ध्यान आकर्षित किया था।
खामियों जस की तस
- सुबह 10 बजे से तय प्रशिक्षण में खामियों के चलते टेंट हाउस की ओर से 10.30 बजे गद्दे पहुंचाए गए। इसके बाद इन्हें मूल उपयोग की स्थिति में लाने के लिए 11.30 बज गई।
- प्रशिक्षण के कायदों के तहत सुबह प्रार्थना होनी चाहिए। इसके बाद चाय पीने को दी जाती है, लेकिन बुधवार को यहां नियमानुसार प्रार्थना ही नहीं हुई। वहीं प्रशिक्षण 12 बजे से शुरू हुआ।
- भोजन के नाम पर व्रतधारी आशाओं को कम निर्माण लागत में सेगारी परोसी गई।
- प्रशिक्षण में आशाओं को प्रतिदिन चार्ट लेखन की जिम्मेदारी दी जाती है, लेकिन प्रशिक्षण के दूसरे दिन भी ये कायदे धरे रह गए।
- सीएमएचओ की विजिट के बाद 4 प्रशिक्षक गायब हो गए।
- प्रशिक्षकों की प्रशिक्षण योग्यता को लेकर कोई निणर्य नहीं हो सका।
- मामले को लेकर जयपुर से भी पूछताछ का दौर यथावत रहा।नहीं मिली कोई कमी
मैंने प्रशिक्षण स्थल का दौरा किया है। खाली वार्ड को विभागीय प्रशिक्षण के लिए उपयोग लिया गया है। गद्दे टेंट से मंगाए गए। अस्थायी रसोई भूतल में शिफ्ट कराई है। मुझे मौके पर कोई कमी नहीं लगी।
डॉ. दिनेश खराड़ी, सीएमएचओ, चिकित्सा विभाग





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