सिरोही. शहर समेत जिलेभर में शुक्रवार को विजया दशमी का पर्व उल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान कई छोटे-बड़े गांव-शहरों में रावण का दहन किया गया। शहर के दशहरा मैदान में शाम को रावण के पुतले का दहन किया गया। इससे पहले मेघनाद और कुंभकरण के पुतले जलाए गए। रावण का पुतला ढाई मिनट में ही धूं-धूं कर जल गया जबकि कुंभकरण के पुतले ने सर्वाधिक साढ़े चार मिनट का समय लिया। मेघनाद का पुतला दो मिनट में ही जल गया। इस पहले मैदान में आकाशीय आतिशबाजी भी की गई।
दशहरा मैदान में शाम छह बजे लोगों का आना शुरू हो गया। गाजे-बाजे के साथ रामझरोखा से निकली शोभायात्रा शहर के बाजार से होती हुई शाम करीब पौने सात बजे रावण दहन स्थल पहुंची। शोभायात्रा में राम, लक्ष्मण, सीता समेत विभिन्न देवी-देवताओं के स्वांग रचे युवा शामिल रहे। शोभायात्रा के मैदान में पहुंचते ही मैदान में भीड़ जुटनी शुरू हो गई। शाम सात बजते-बजते अच्छी खासी भीड़ जमा हो गई।
आतिशबाजी ने मोहा
सबसे पहले शाम सात बजे आतिशबाजी के मुकाबले शुरू हुए। अंसारी ग्रुप जोधपुर और फिरोज खान पाली के बीच कड़ा मुकाबला हुआ। तीन दौर में हुए इस मुकाबले के दौरान दोनों की ग्रुपों की ओर से शानदार आकाशीय आतिशबाजी की गई। समूचा आसमां रोशनी से जगमगा उठा। इस दौरान लोग उम्दा आतिशबाजी की तारीफ करते नजर आए तो बच्चों ने इसका खासा आनन्द उठाया। अंत में फिरोज खान पाली ने मुकाबला जीता और उन्हें परिषद की ओर से 21 हजार रुपए का नगद पुरस्कार दिया गया।
...और राम ने चलाया अग्निबाण
दहन से पहले राम, लक्ष्मण और सीता समेत विभिन्न देवी-देवताओं के स्वांग रचे युवाओं का एसपी जय यादव, जिला परिषद सीईओ शुभम चौधरी, एडीएम आशाराम डूडी और अन्य अतिथियों ने माला पहनाकर स्वागत किया और फिर राम-लक्ष्मण की जोड़ी ने पहले मेघनाद, फिर कुंभकरण और सबसे अंत में राम ने तीर चलाकर रावण का दहन किया। इस दौरान मैदान में चारों ओर लोगों की भीड़ ही भीड़ नजर आई। इस दौरान पुलिस के पुख्ता बंदोबस्त रहे। इस मौके पर





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