नई दिल्ली। देश का विदेशी पूंजी भंडार नौ नवंबर को समाप्त सप्ताह में 1.05 अरब डॉलर बढ़कर 393.13 अरब डॉलर हो गया, जो 28,659.6 अरब रुपये के बराबर है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की ओर से जारी साप्ताहिक आंकड़े के अनुसार, विदेशी पूंजी भंडार का सबसे बड़ा घटक विदेशी मुद्रा भंडार आलोच्य सप्ताह में 48.77 करोड़ डॉलर बढ़कर 368.13 अरब डॉलर हो गया, जो 26,814.8 अरब रुपये के बराबर है। बैंक के मुताबिक, विदेशी मुद्रा भंडार को डॉलर में व्यक्त किया जाता है और इस पर भंडार में मौजूद पाउंड, स्टर्लिग, येन जैसी अंतर्राष्ट्रीय मुद्राओं के मूल्यों में होने वाले उतार-चढ़ाव का सीधा असर पड़ता है।
कैसा रहा स्वर्णिम भंडार
आलोच्य अवधि में देश का स्वर्ण भंडार 20.88 अरब डॉलर रहा, जो 1,545.6 अरब रुपये के बराबर है। इस दौरान, देश के विशेष निकासी अधिकार (एसडीआर) का मूल्य 74 लाख डॉलर बढ़कर 1.46 अरब डॉलर हो गया, जो 106.8 अरब रुपये के बराबर है। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) में देश के मौजूदा भंडार का मूल्य 19.22 करोड़ डॉलर बढ़कर 2.63 अरब डॉलर दर्ज किया गया, जो 192.4 अरब रुपये के बराबर है।
पिछले बार हुआ था 1.44 अरब डाॅलर का घाटा
इसके पहले 2 नवंबर को समाप्त सप्ताह में 1.44 अरब डॉलर घटकर 392.07 अरब डॉलर हो गया था जो कि 28,733.6 अरब रुपए के बराबर है। साप्ताहिक आंकड़े के अनुसार, विदेशी पूंजी भंडार का सबसे बड़ा घटक विदेशी मुद्रा भंडार आलोच्य सप्ताह में 1.42 अरब डॉलर घटकर 367.65 अरब डॉलर हो गया था जो 26,958.1 अरब रुपए के बराबर है। बैंक के कहा था कि विदेशी मुद्रा भंडार को डॉलर में व्यक्त किया जाता है और इस पर भंडार में मौजूद पाउंड, स्टर्लिग, येन जैसी अंतरराष्ट्रीय मुद्राओं के मूल्यों में होने वाले उतार-चढ़ाव का सीधा असर पड़ता है। आलोच्य अवधि में देश का स्वर्ण भंडार 20.52 अरब डॉलर रहा, जो 1,488.9 अरब रुपए के बराबर है।





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