गंगापुरसिटी . डेंगू का डंक अभी भी लोगों को आहत कर रहा है। हालांकि तेजी से बढ़ते आंकड़े की रफ्तार थमी है। गंगापुरसिटी उपखंड में अब मरीजों की संख्या बढक़र 29 हो गई है। मंगलवार को दो नए मरीज डेंगू के चिह्नित किए गए। चिकित्सा विभाग का दावा है कि अब हालात बेकाबू नहीं रहे हैं। मरीजों के तेजी से बढ़ते आंकड़े पर अब लगाम लगी है। वायरल के मरीजों का आंकड़ा घटने की प्रमुख वजह तापमान में आई गिरावट मानी जा रही है।
यकायक बढ़ते मरीजों की संख्या को थामने के लिए विभाग ने युद्धस्तर पर सर्वे दल बनाकर संभावित मरीजों के रक्त नमूनेे लिए और उन्हें यथासंभव दवा दी। एक पखवाड़े पहले तेजी से बढ़ा आंकड़ा अब रफ्ता-रफ्ता थम रहा है। पहले एक ही दिन में जहां 4 से 6 मरीज पहुंच रहे थे। वह अब घटकर दो से तीन रह गए हैं। वायरल बुखार के मरीजों की स्थिति भी अब काबू में है। इसकी प्रमुख वजह यह है कि 25 से 30 डिग्री के बीच झूलते तापमान में वायरल बुखार के मरीज पनप रहे थे। अब यह तापमान घटकर 25 डिग्री से नीचे आ गया है।
ऐसे में वायरल बुखार थमने से लोगों के साथ चिकित्सा विभाग ने भी राहत की सांस ली है। चिकित्सा विभाग की ओर से मंगलवार को वजीरपुर एवं किशोपुर में फोगिंग कराई गई। इस संबंध में ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एस.डी. शर्मा का कहना है कि मरीजों की संख्या अब ज्यादा नहीं बढ़ी है। हालात पूरी तरह से काबू में हैं। बीमारी के चलते कोई मौत नहीं हुई है। तापमान में गिरावट आने से वायरल के रोगियों की संख्या में भी कमी आ रही है। हर स्तर पर बीमारियों की रोकथाम के प्रयास किए गए हैं। फोगिंग और फोकल स्प्रे का काम निरंतर जारी है। वहीं ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. बिजेन्द्र गुप्ता ने बताया कि मंगलवार को सामान्य चिकित्सालय में दो नए मरीज डेंगू के पहुंचे हैं। ऐसे में कुल २९ मरीज हुए हैं। खौफनाक स्थिति नहीं है। कई का उपचार चल रहा है, जबकि अन्य स्वस्थ हो चुके हैं।
एक मरीज मलेरिया का भी
विभाग की ओर से ली गई रक्त संचय पट्टिकाओं में एक मरीज मलेरिया का भी चिह्नित किया गया है। नई मंडी के पास रहने वाले मरीज को पीवीएक्स मिला है, जिसका उपचार हुआ है और वह अब स्वस्थ है।
डेंगू के बीच घुसा स्वाइन फ्लू
डेंगू और मलेरिया के हो-हल्ला के बीच उपखंड में स्वाइन फ्लू ने भी दस्तक दे दी। चिकित्सा विभाग के अनुसार स्वाइन फ्लू के अब तक 5 मरीज चिह्नित किए गए हैं। इसके अलावा स्क्रब टाइफास के भी तीन रोगी चिह्नित किए गए।
विभाग की कवायद जारी
चिकित्सा विभाग ने डेंगू के खात्मे के लिए युद्ध स्तर पर कवायद की। इसके लिए रक्त पट्टिका संचय कर घर-घर सर्वे किया गया। इसके अलावा जलस्रोत और पानी के ठहराव वाले गड्ढों में एंटी लार्वा डाला गया। साथ ही फोकल स्प्रे के साथ फोगिंग की कार्रवाई भी की गई। विभाग का मानना है कि तमाम प्रयासों के बाद अब डेंगू सहित अन्य मच्छरजनित बीमारियों में कमी आई है।
यहां किया गया फोकल स्प्रे
बीसीएमओ ने बताया कि मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए अग्रवाल कॉलेज छात्रावास, जेल परिसर, नवोदय विद्यालय, अम्बेडकर छात्रवास आवासीय विद्यालय में फोकल स्प्रे किया गया। साथ ही शहर के वार्ड ३३, ३२, १७, २१, तलावड़ा एवं वजीरपुर में टीम ने फोगिंग की कार्रवाई की।
आउटडोर में भरमार
बदले मौसम के बीच बढ़े रोगियों की संख्या सामान्य चिकित्सालय में खूब देखी जा रही है। मंगलवार को भी आउटडोर में खूब मरीज नजर आए। एक कक्ष के बाहर एक मरीज काफी देर तक लेटा रहा। भीड़ के चलते उसे दिखाने में खासी परेशानी हुई। ऐसे में वह देर तक कक्ष के बाहर जमीन पर ही लेटा रहा।
आंकड़ों में विभागीय कवायद
23639 रक्त पट्टिकाओं का संचय
9078 घरों का किया सर्वे
223 सर्वे दलों ने लिए नमूने
2260 जलस्रोतों की हुई जांच
1326 गड्ढों में डाला गया एंटी लार्वा
2235 टंकियों में डाला टेमीफोस
29 अब तक डेंगू के मरीज
5 मरीज स्वाइन फ्लू के
3 मरीज स्क्रब टाइफास
1 मरीज मलेरिया





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