नई दिल्ली। केंद्र की मोदी सरकार ने हर घर में गैस कनेक्शन पहुंचाने के लिए उज्ज्वला योजना शुरू की है। इस योजना के तहत महिलाओं में मुफ्त में गैस कनेक्शन और गैस चूल्हा दिया जा रहा है। योजना के तहत अब तक देशभर में ढाई करोड़ से ज्यादा गैस कनेक्शन बांटे जा चुके हैं। महिलाएं बढ़-चढ़कर इस योजना का लाभ ले रही हैं। लेकिन कई राज्यों में नई समस्या खड़ी हो गई है। समस्या यह है कि कनेक्शन लेने के बाद उज्ज्वला योजना की लाभार्थी अपने एलपीजी सिलेंडरों को रिफिल नहीं करवा रही हैं। इससे मोदी सरकार की योजना को पलीता लग रहा है। इस समस्या से निजात पाने के लिए सरकार ने नया रास्ता निकाला है। आइए जानते हैं क्या है समस्या से निजात का रास्ता...
सरकार ने लॉन्च की पोर्टेबल स्कीम
उज्ज्वला योजना के तहत सिलेंडर रिफिल नहीं करने की सबसे ज्यादा समस्या उत्तर प्रदेश में आ रही है। इससे निजात पाने के लिए मोदी सरकार ने पोर्टेबल स्कीम लॉन्च की है। इस स्कीम के तहत उज्ज्वला योजना के लाभार्थी 14 किलो के सिलेंडर को जमा करके 5 किलो वाले सिलेंडर ले सकते हैं। इसके लिए लाभार्थियों को किसी भी प्रकार का अतिरिक्त भुगतान नहीं करना होगा। साथ ही इस स्कीम के तहत पांच किलो का सिलेंडर लेने वाली लाभार्थियों की सब्सिडी का लाभ भी मिलेगा।
ये है 5 किलो के सिलेंडर की कीमत
उत्तर प्रदेश में उज्ज्वला योजना की लाभार्थियों को राहत देने के लिए मोदी सरकार की ओर से पोर्टेबल स्कीम के तहत लॉन्च किए गए 5 किलो के सिलेंडर की कीमत काफी कम रखी है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 5 किलो के इस सिलेंडर की कीमत 328 रुपए होगी। साथ ही इस सिलेंडर के लाभार्थियों को प्रत्येक सिलेंडर पर 128 रुपए की सब्सिडी दी जाएगी। पोर्टेबल स्कीम के तहत 5 किलो का सिलेंडर लेने वाले लाभार्थी एक साल में 34 सिलेंडर ले सकते है। लाभार्थी को इन सभी सिलेंडरों पर सब्सिडी का लाभ मिलेगा।





No comments:
Post a Comment