अलवर. पूरे शहर को समय दिखाने वाली वाली घण्टाघर की घड़ी की चारों सूई रुक गई हैं। पिछले करीब 5 साल से न घण्टाघर की घड़ी चल रही है। बेतरतीब हालात बेकाबू हो गए। तब भी जिम्मेदार चुप ही रहे। अभी तक हालात सुधरे नहीं हैं। हर दिन न जाने कितने हजार लोगों की नजर घण्टाघर की चारों दिशाओं की घडिय़ों पर पड़ती है। सुबह से देर रात तक दक्षिण की तरफ की घड़ी में हमेशा पांच बजे रहते हैं। पश्चिम दिशा वाली घड़ी में ढाई, पूर्व दिशा में तीन और उत्तर दिशा में चार बजे मिलते हैं। चारों सूई करीब तीन सालों से एक ही जगह रुकी हुई हैं। जानकारों का यह भी मानना है कि नगर परिषद प्रशासन को दुकानदारों ने न जाने कितनी बार शिकायतें कर दी। इसके बावजूद कोई सुध नहीं ले रहा है।
गोद लेने वालों ने कहा, सहयोग नहीं मिला
योगेश गोयल एण्ड संस फर्म ने करीब दस साल तक घण्टाघर की घड़ी को चलाए रखा। बराबर मेनटेन किया। करीब पांच साल पहले घण्टाघर पर फर्म की ओर से हॉर्डिंग लगाया गया था। यूआईटी व नगर परिषद के अधिकारियों ने फर्म से लिखित में जवाब मांगा। साथ में यह भी कहा कि हॉर्डिंग नहीं हटाया तो कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद फर्म ने अपने हाथ पीछे खींच लिए।
फर्म के प्रतिनिधि राजकुमार गोयल ने बताया कि घण्टाघर को गोद लेकर पूरी देखरेख कर रहे थे। एक व्यक्ति सिर्फ घण्टाघर की घड़ी को चलाए रखने के लिए चाबी भरने के लिए लगा रखा था। जब प्रशासन का सहयोग ही नहीं मिला तो हम पीछे हट गए। उसके बाद प्रशासन ने एक बार भी प्रयास नहीं किया।
घण्टाघर की घड़ी बंद होने की सूचना मिली है। इसे जल्दी ठीक करा रहे हैं। पहले घण्टाघर देखरेख के लिए गोद दिया हुआ था। अब इसकी पूरी जानकारी के बाद समाधान कराएंगे।
-रामकिशोर मीना, आयुक्त, नगर परिषद अलवर





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