-धरियावद विधानसभा क्षेत्र से किसी प्रत्याशी ने नाम नहीं लिया वापस
प्रतापगढ़. विधानसभा चुनाव 2018 के लिए नाम वापस लेने के अंतिम दिन तक उम्मीदवारों के नाम वापस लेने के बाद अब चुनावी तस्वीर साफ हो गई है। प्रतापगढ़ में गुरुवार को 2 उम्मीदवारों के नाम वापस लेने के बाद अब 6 उम्मीदवार चुनावी मैदान में बचे हैं। वहीं धरियावद में किसी प्रत्याशी ने नाम वापस नहीं लिया और यहां 8 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। अब आगामी 7 दिसम्बर को होने वाले चुनाव में मतदाता इन उम्मीदवारों में से अपने विधायक का चयन करेंगे।
प्रतापगढ़ में ये उम्मीदवार मैदान में
रिटर्निंग अधिकारी प्रतापगढ़ वारसिंह के अनुसार विधानसभा क्षेत्र प्रतापगढ़ से निर्दलीय प्रत्याशी इन्द्रा मीणा एवं सुरजमल ने नाम निर्देशन पत्र वापस ले लिए हैं। ऐसे में अब चुनाव मैदान में बहुजन समाज पार्टी से गणेशलाल मीणा, इण्डियन नेशनल कांग्रेस से रामलाल मीणा, भारतीय जनता पार्टी से हेमन्त मीणा, भारतीय युवाशक्ति से धर्मचन्द एवं निर्दलीय जगदीश चन्द्र मीणा एवं नारायणलाल चुनाव मैदान में है।
धरियावद में ये उम्मीदवार मैदान में
रिटर्निंग अधिकारी धरियावद रामचन्द्र खटीक के अनुसार भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी से भगवान लाल, बीटीपी से भैरूलाल, भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी (माक्र्सवादी लेनिनवादी) (एल) से गौतमलाल मीणा, भाजपा से गौतमलाल, बसपा से केशुलाल, जेएसआर से नगेन्द्र, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से नगराज एवं बीवायएस से शंकरलाल चुनाव मैदान में है।
इनके बीच होगा सीधा मुकाबला
प्रतापगढ़ विधानसभा क्षेत्र में नाम वापसी के बाद मैदान में शेष रहे उम्मीदवारों में से विधायक चुना जाना है। आमजन के मुताबिक यहां किसी तरह के त्रिकोणीय और चतुष्कोणीय मुकाबले की संभावना नजर नहीं आ रही और मुख्यतया भाजपा के हेमंत मीणा और कांग्रेस के रामलाल तथा धरियावद में भाजपा से गौतमलाल और कांग्रेस के नगराज के बीच सीधी टक्कर मानी जा रही है।
चुनाव प्रचार जारी
नामांकन दाखिल करने के बाद से राजनीतिक दल, प्रत्याशी और उनके समर्थक चुनाव प्रचार में जुटे हुए हैं। चुनाव प्रचार के लिए चुनाव कार्यालय खोले गए हैं। जहां से चुनाव सम्बंधी गतिविधियां की जा रही है। राजनीतिक दलों के पदाधिकारी, प्रत्याशी और कार्यकर्ता तथा समर्थक गांव-शहरों में घर-घर जाकर जनसम्पर्क कर अपने पक्ष में मतदान की अपील कर रहे हैं।
अब आएगी और तेजी
नामांकन वापसी के बाद चुनावी तस्वीर साफ होने से अब चुनाव प्रचार में और तेजी आएगी। राजनीतिक दल, प्रत्याशी और उनके समर्थक अब चुनाव प्रचार में पूरी ताकत झोंक देंगे। इसके लिए बाकायदा रणनीति बनाकर चुनाव प्रचार की तैयारियां की जा रही है।





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