नर्इ दिल्ली। रिलायंस कम्युनिकेशंस ने सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज बोर्ड आॅफ इंडिया (सेबी) के साथ अपने को सेटल कर लिया है। अनिल अंबानी पर नाॅन क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों के साथ को-आॅपरेट नहीं करने का आरोप लगा था। उन पर आरोप लिस्टिंग नाॅर्म्स के तहत डिबेंचर ट्रस्टीज को लेकर नियमों के उल्लंघन के संबंध में ये आरोप लगा था। कंपनी लिस्टिंग नाॅर्म्स के तहत गैर-अनुपालन केस में भी बड़ी राहत मिली है।
कैसे हुआ सेबी के साथ सेटलमेंट
इसमें डिबेंचर्स को ब्याज न देने की असमर्थता को लेकर आरोप लगे थे। सेबी ने शुक्रवार को इसके बारे में जानकारी दी। अनिल अंबानी की नेतृत्व वाली रिलायंस ग्रुप ने 62.4 लाख रुपए जमा कराकर इस केस का सेटलमेंट किया है। इस सेटलमेंट के तहत, किसी भी र्इकार्इं को आरोप को माने य नकारे बिना है पेनाल्टी रकम जमा करने का मौका मिलता है।
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रिलायंस कम्युनिकेशंस व सहयोगी कंपनियों के खाते में केवल 19 करोड़ रुपए ही शेष
गौरतलब है कि रिलायंस कंपनी अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रही है। कंपनी पर 46 हजार करोड़ रुपए कर्ज है। हाल ही में रिलायंस ने अपने वायरलेस बिजनेस को बेचने का बड़ा फैसला लिया था। इसके साथ ही हाल की एक रिपोर्ट से पता चला था कि कंपनी आैर उसके दूसरे सहयोगी कंपनियों के खाते में केवल करीब 19 करोड़ रुपए ही शेष हैं।





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