हेम शर्मा
बीकानेर. पूरे प्रदेश में राज्य सरकार की ओर से भेजी रिपोर्ट में आरटीई में प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय के अधीन ८२ निजी स्कूलों व १७ सरकारी स्कूलें दोषी पाई गई है। राज्य के २५ जिलों में प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय के अधीन १०३ विद्यार्थी तथा माध्यमिक शिक्षा निदेशालय के अधीन स्कूलों में १९७ विद्यार्थियों का दोहरा नामांकन पाया गया। इससे निजी स्कूलें फीस का पुनर्भरण एवं सरकारी स्कूलों में पोषाहार का पैसा उठाया गया।
मामले को राज्य सरकार ने गंभीरता से लिया है। माना जा रहा है कि निजी व सरकारी स्कूलों में दोहरे नामांकन से फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। राजस्थान प्रारंभिक शिक्षा परिषद के अतिरिक्त आयुक्त की ओर से प्रारंभिक शिक्षा निदेशक को इन मामलों में गैर सरकारी स्कूलों में दोहरे नामांकन की जांच रिपोर्ट के आधार पर मान्यता र² करने, पुलिस रिपोर्ट दर्ज करवाने की कार्रवाई की गई है। वहीं १७ सरकारी स्कूलों के जिम्मेदार अधिकारी को १७ सीसीए में नोटिस दिए गए है। मामला शिक्षा के अधिकार अधिनियम में गैर सरकारी स्कूलों में नि:शुल्क सीट पर ऐसे विद्यार्थियों का नामांकन है, जो वास्तव में सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे हैं। वहीं कई सरकारी स्कूलों में ऐसे बच्चों का नामांकन है जो निजी स्कूलों में पढ़ रहे हैं। इन बच्चों के नाम से सरकारी स्कूलों में पोषाहार का पैसा लिया जा रहा है। वहीं निजी स्कूलों में फीस पुनर्भरण का पैसा उठाया जा रहा है। ऐेसे तीन सौ विद्यार्थियों का नाम सरकारी स्कूलों में भी दर्ज है, जबकि इन विद्यार्थियों की फीस का राज्य सरकार पुनर्भरण कर रही है।
ये हुई कार्रवाई
जांच में जिन स्कूलों में विद्यार्थियों के १ से २ वर्ष के लिए नामांकन पाया गया, उनकी मान्यता समाप्ति के आदेश जारी किए हैं। वहीं जिन स्कूलों में ३ से ४ वर्ष तक दोहरा नामांकन पाया गया उनकी मान्यता र² के साथ पुलिस रिपोर्ट दर्ज करवाई गई है। सरकारी स्कूलों में ऐसे फर्जीवाड़े के प्रकरण में १७ सीसीए में नोटिस जारी कि ए गए हैं। इन मामलों में आगे घहनता से जांच की जाएगी।
श्याम सिंह राजपुरोहित, निदेशक प्रा. शि. निदेशालय बीकानेर





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